धनबाद टुंडी की पहाड़ियों के बीच ऋिषभीठा में बना चेकडैम और इसके आसपास का इलाका इन दिनों करीब 40 हाथियों के लिए शरणस्थली बना हुआ है। ये हाथी एक माह पहले गिरिडीह के पारसनाथ की पहाड़ियों से होते हुए दो दलों में आए थे और फिर यहां मिल गए। इधर, वन विभाग की टीम ने लोगों को घरों में शराब या महुआ नहीं रखने की सलाह दी है। इनकी गंध से आकर्षित होकर हाथी गांवों में पहुंच जाते हैं। हाथी कच्चे घरों को तोड़ वहां रखे शराब पी जाते हैं और हुड़दंग मचाना शुरू कर देते हैं। अंधेरे में हाथी पहाड़ियों से उतरकर गांवों में आ जाते हैं आम तौर पर ये अंधेरे में पहाड़ियों से उतरकर पास के गांवों में पहुंच जाते हैं। कच्चे घरों को तोड़ वहां रखा अनाज खा जाते हैं, खेतों की फसल को रौंद देते हैं। दो सप्ताह पहले भी उन्होंने तराई के एक गांव में 3-4 घरों को तोड़ डाला था। हालांकि हाल में ही एक हथिनी ने शिशु को जन्म दिया है। उसके बाद से दल लगभग एक ही जगह टिका हुआ है। वनकर्मी करते हैं पेट्रोलिंग, ग्रामीण देते हैं पहरा वन विभाग की टीम हाथियों पर नजर रखने के लिए पेट्रोलिंग करती है और ग्रामीणों को अलर्ट करती है। ग्रामीण भी हर रात पहरा देते हैं। उन्हें मशाल जलाकर हाथियों को भगाने के लिए वन विभाग की ओर से डीजल भी दिया गया है। ———————————————- ये भी पढ़िए जमशेदपुर में हाइवे से आधा किमी दूर है बाघ:बैल व गाय पर किया हमला, एक बछड़ा भी लापता; कैमरे में कैद हुई तस्वीर जमशेदपुर के दलमा अभयारण्य में बाघ पिछले तीन दिनों से विचरण कर रहा है। बाघ तनकोचा जंगल में मौजूद है। यह जंगल एनएच से करीब आधा किमी दूर है। ऐसे में बाघ के एनएच पर आने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि वन विभाग की टीम बाघ पर नजर रखे हुए है। संभावना जताई जा रही है कि इसी रास्ते से बाघ तुलग्राम होते हुए पलामू टाइगर रिजर्व की ओर बढ़ रहा है। वन विभाग ने दलमा में कई ट्रैकिंग कैमरे लगाए हैं। एक कैमरे में बाघ की तस्वीर कैद हुई है। पढ़िए पूरी खबर…


