भास्कर न्यूज | लुधियाना ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) को इंजीनियरिंग संस्थानों में शामिल करने के लिए अहम प्रोग्राम की शुरुआत की है। इसके तहत एआईसीटीई द्वारा एआई फॉर अॉल: यहां से भविष्य की शुरुआत होगी नाम से अभियान की शुरुआत की गई है। जिसका मकसद देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में एआई के प्रति जागरूकता बढ़ाना और छात्रों को इसके लिए तैयार करना है। इस पहल से भारत में एआई के क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत होने की संभावना है, जो न केवल शिक्षा को, बल्कि उद्योग और समाज को भी बदलने में मदद करेगा। एआईसीटीई द्वारा एआई अवेयरनेस वीक का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वर्कशॉप्स, गेस्ट लेक्चर्स और हैकथॉन्स जैसी गतिविधियां शामिल होंगी, ताकि स्टूडेंट्स को एआई की समझ हो सके और वे इस क्षेत्र में नवाचार की दिशा में सोच सकें। इसके साथ ही एआई स्टूडेंट चैप्टर्स के जरिए छात्रों को पियर लर्निंग और इनोवेशन के अवसर मिलेंगे। एआईसीटीई द्वारा एआई लैब भी स्थापित करने की योजना बनाई है। जिसके तहत उद्योग-निर्देशित एआई प्रयोगशालाएं स्थापित होंगी, ताकि स्टूडेंट्स को वास्तविक दुनिया में एआई का अनुभव प्राप्त हो सके। एआई करियर पाथवे की मदद से एआई प्रेरित व्यवसायों के लिए करियर काउंसलिंग सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिससे स्टूडेंट्स को एआई में करियर बनाने के नए रास्ते मिलेंगे। एआईसीटीई द्वारा सभी संस्थानों को इस दिशा में कदम उठाने और स्टूडेंट्स और फैकल्टी सदस्यों को ज्यादा से ज्यादा एआई का प्रयोग कर एंटरप्रेन्योरशिप, इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करने के लिए कहा है। एआईसीटीई द्वारा जारी जानकारी के अनुसार शिक्षण संस्थानों में एआई फर्स्ट करिकुलम को अपनाया जाएगा। जिसमें एआई से संबंधित मूलभूत और उन्नत विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए। स्टूडेंट्स के करिकुलम के अलावा फैकल्टी डेवल्पमेंट की दिशा में भी काम किया जाएगा। इसके लिए वर्कशॉप्स और सर्टिफिकेशन प्रोग्राम्स आयोजित किए जाएंगे, ताकि शिक्षकों को एआई को पढ़ाने की विशेषज्ञता प्राप्त हो सके। स्टूडेंट्स की ट्रेनिंग देने के लिए जिन कंपनियों द्वारा एआई का इस्तेमाल किया जा रहा है वहां उनके लिए इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट्स और मेंटरशिप भी की जाएगी। एआईसीटीई द्वारा ने सभी संस्थानों को एआई इंप्लिमेंटेशन प्लान को 31 दिसंबर तक गूगल फॉर्म के जरिए जमा करवाने के लिए कहा है। इस योजना को अप्रूवल ब्यूरो द्वारा समीक्षा किया जाएगा और संस्थानों के फिर से मान्यता के दौरान इसे ध्यान में रखा जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले संस्थानों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे और उन्हें मॉडल अॉफ एक्सीलेंस के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। 2025 को एआई का साल के रूप में मनाते हुए एआईसीटीई ने इस अवसर को भारत के लिए एक प्रौद्योगिकी-सक्षम भविष्य तैयार करने का समय बताया है। यह पहल न केवल स्टूडेंट्स को भविष्य के लिए तैयार करेगी, बल्कि देश को एआई के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर करेगी। एफर्मेशन प्लेज में संस्थानों को शपथ लेनी होगी कि उनके संस्थान में पाठ्यक्रमों में एआई को समाहित करेंगे, एआई में नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देंगे, प्रेरित उद्योगों के लिए छात्रों को तैयार करेंगे और समाज के लाभ के लिए एआई का नैतिक उपयोग करेंगे। इस शपथ के लिए संस्थानों में स्पेशल प्रोग्राम का आयोजन किया जाएगा।


