डुअल डिग्री एक साथ प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है। अब डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी (डीएसपीएमयू) में इसी शैक्षणिक सत्र से डुअल डिग्री प्राप्त कर सकते हैं। यह संभव हुआ है झारखंड रेगुलेशन एक्ट-2024 स्वीकार करने से। गुरुवार को कमिशनर सह प्रभारी वीसी अंजनी कुमार मिश्र की अध्यक्षता में एकेडमिक काउंसिल की बैठक हुई, जिसमें झारखंड रेगुलेशन एक्ट 2024 को स्वीकार करने से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी गई। इसके तहत अब एक साथ एक शैक्षणिक सत्र में छात्र 2 डिग्री प्राप्त कर सकते हैं। इसमें एक कोर्स रेगुलर करना होगा। जबकि दूसरा कोर्स ओपन यूनिवर्सिटी से करने का नियम है। लेकिन पीएचडी करने वाले स्कॉलर दो कोर्स नहीं कर सकेंगे। यानि पीएचडी रिसर्च स्कॉलर एक साथ डुअल डिग्री प्राप्त नहीं कर सकते हैं। इस बैठक में कुल 9 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई है। एकेडमिक काउंसिल में वीसी के अलावा साइंस डीन डॉ नमिता सिंह, सोशल साइंस डीन डॉ एसएम अब्बास, ह्यूमिनिटी डीन डॉ रेखा झा, रजिस्ट्रार डॉ धनंजय बासुदेव द्विवेदी, समेत अन्य सदस्यों ने विचार रखने के साथ सुझाव दिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के अनुसार अब यूजी-पीजी के सिलेबस में इंडियन नॉलेज सिस्टम अनिवार्य पेपर के रुप में शामिल कर लिया गया है। इसके अलावा मल्टीपल इंट्री व एक्जिट और एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट विवि में लागू हो गया है झारखंड की परंपरा पढ़ेंगे छात्र इंडियन नॉलेज सिस्टम को जोड़ने का उद्देश्य छात्रों को भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा से जोड़ना है। नई शिक्षा नीति के तहत इंडियन नॉलेज सिस्टम के सिलेबस में झारखंड की परंपराओं को भी एक यूनिट के रूप में जगह दी गई है। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आदिवासी समुदायों के पास ऐसा ज्ञान है जो कई समस्याओं का समाधान दे सकता है।


