रांची | एक्सआईएसएस के प्लेटिनम जुबली वर्ष के अवसर पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन का विषय है- सस्टेनेबल भविष्य के लिए गवर्नेंस की नई कल्पना: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में प्रॉफिट, पर्पस और पीपल के बीच संतुलन। सम्मेलन के पहले दिन कुल 13 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। पहले दिन मानव पूंजी, टेक्नोलॉजी और संगठनात्मक बदलाव, समावेशी विकास, ग्रामीण प्रबंधन का भविष्य और तकनीकी सशक्तिकरण जैसे अहम विषयों पर दो सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में विशेषज्ञों ने एआई के दौर में शासन व्यवस्था की चुनौतियों और संभावनाओं पर अपने विचार रखे। संस्थान के निदेशक डॉ. जोसफ मारियानुस कुजुर ने कहा कि यह सम्मेलन न सिर्फ अतीत को सम्मान देने का अवसर है, बल्कि भविष्य को लेकर जरूरी सवाल उठाने का मंच भी है। उन्होंने कहा कि एआई के समय में शासन नैतिकता, स्थिरता और मानवीय मूल्यों पर आधारित होना चाहिए। एक्सआईएसएस गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष फादर अजीत कुमार खेस ने कहा कि सच्चा शासन वही है जो मानव-केंद्रित, समावेशी और नैतिक हो। नेतृत्व के फैसले लोगों, संस्थानों और पर्यावरण का सम्मान करने वाले होने चाहिए। मुख्य अतिथि पीपल एडवाइजरी के संस्थापक और सीईओ प्रबीर झा ने ने भी विचार रखे।


