भोपाल केमिस्ट एसोसिएशन ने रविवार को केमिस्टों के लिए एक सेमिनार आयोजित किया। इसमें केमिस्ट चुनौतियों से कैसे निपटें? ऑनलाइन दवा बुलाने के क्या नुकसान है? जैसी फार्मेसी से जुड़ी हर जानकारी दी गई। डीबी मॉल स्थित कोर्टयार्ड मैरियट में सेमिनार हुआ। इसमें एसोसिएशन के पदाधिकारी के अलावा भोपाल के केमिस्ट भी शामिल हुए। कार्यशाला में डॉ. मयूर अग्रवाल मुख्य वक्ता थे। जिन्होंने केमिस्ट को आने वाली चुनौतियों, मेडिकल शॉप संचालन, दवाईयों से जुड़े नियमों और सेल बढ़ोतरी पर चर्चा की। उन्होंने ये भी बताया कि ऑनलाइन दवा मंगवाने से जनता को क्या नुकसान हो सकते हैं? केमिस्ट ग्राहकों को ऑनलाइन दवा बुलाने के नुकसान के बारे में भी जानकारी देंगे। सेमिनार में ये भी बताया
केमिस्टों को व्यावसायिक परिणामों में सुधार के लिए सूचनात्मक सत्र और व्यावहारिक कार्यशाला हुई। ये सत्र उत्पाद ज्ञान, ग्राहक जुड़ाव, बिक्री तकनीकों और आधुनिक फार्मास्युटिकल परिदृश्य की चुनौतियों से निपटने पर केंद्रित था। अध्यक्ष ने भी दी नियमों की जानकारी
एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र धाकड़ ने केमिस्टों को बताया कि हमें फार्मेसी के सारे नियमों का पालन करते हुए व्यापार करना चाहिए। फार्मेसी के सभी पेपर और नियमों के हिसाब से फार्मेसी को व्यवस्थित रखने चाहिए। फार्मेसी के सभी लाइसेंस शॉप पर लगा के रखना चाहिए। वेटरनरी और जैनेरिक दवा रखने की अलग रैक होना चाहिए। रेफ्रिजरेटर चालू अवस्था में होना चाहिए।


