कॉम्बिंग गश्त कर घर लौटे प्रधान आरक्षक दीपक श्रीवास ने सरकारी क्वार्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शनिवार रात 11.30 बजे ड्यूटी कर घर पहुंचे तो पत्नी ने उन्हें खाना खाने के लिए कहा। उन्होंने कपड़े बदलकर आने की बात कही और कमरे जाकर फांसी लगा ली। काफी देर तक बाहर न आने पर पत्नी पहुंची तो दीपक फंदे पर लटके थे। बहोड़ापुर थाना क्षेत्र स्थित पुलिस लाइन में रहने वाले दीपक थाटीपुर थाने में प्रधान आरक्षक थे। दीपक के पिता राकेश श्रीवास ट्रैफिक पुलिस में थे। राकेश की ड्यूटी के दौरान एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। पिता की मृत्यु के बाद दीपक को अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। दोनों बेटियां दादी के घर पर थीं: दीपक के छोटे भाई शुभम श्रीवास प्राइवेट जॉब करते हैं। शुभम विनय नगर में अपनी मां के साथ रहते हैं। रविवार की स्कूलों की छुट्टी थी इसलिए शुभम एक िदन पहले अपनी दोनों भतीजियों परी और पूर्वी को अपने घर ले गए थे। दोनों बेटियां दादी के घर थीं। घटना के समय घर पर सिर्फ दीपक और उनकी पत्नी थी। साले ने फोन कर कहा-भाइया की तबीयत खराब है: शुभम श्रीवास ने बताया कि मेरे पास भइया (दीपक) के साले आकाश का फोन रात एक बजे आया। आकाश ने कहा कि जीजा की तबीयत खराब है। आप जयारोग्य अस्पताल आ जाओ। मैं पहुंचा तो पता चला कि भइया नहीं रहे। घर पर क्या हुआ, इस बारे में अभी मुझे कुछ पता नहीं है। सुसाइड नोट नहीं मिला सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। अभी स्पष्ट नहीं हो सका है कि आत्महत्या के पीछे क्या कारण रहे। -कृष्णपाल सिंह, सीएसपी


