एक ब्रांच डलवा रही पाइप लाइनें, दूसरी वहीं पर केबल डालने की दे रही मंजूरियां

शहर को साफ-सुरक्षित और चौबीसों घंटे पेयजल उपलब्ध कराने का वर्ल्ड बैंक का 3200 करोड़ का प्रोजेक्ट आज खुद निगम की दो ब्रांचों की लापरवाही और आपसी तालमेल की कमी से मुश्किलों में है। इस योजना का काम लुधियाना अर्बन वॉटर एंड वेस्ट वॉटर मैनेजमेंट लिमिटेड के तहत चल रहा है। निगम की ओएंडएम ब्रांच इसकी अगुवाई कर रही है। शहर के कई हिस्सों में सड़कों के किनारे नई पेयजल पाइप लाइनें बिछाई जा चुकी हैं और कई जगह काम अंतिम चरण में है। लेकिन दूसरी तरफ बीएंडआर ब्रांच की ओर से शहर की सड़कों पर अंडरग्राउंड केबल डालने की मंजूरियां दी जा रही हैं। इन परमिशन में ओएंडएम ब्रांच से न तो एनओसी ली जा रही है और न ही यह जानकारी दी जा रही है कि कहां-कहां खुदाई होगी। नतीजा यह है कि निजी कंपनियां बिना किसी पूर्व सूचना के ड्रिल मशीनें लगाकर काम शुरू कर देती हैं और जमीन के नीचे पहले से बिछी नई पेयजल लाइनों को नुकसान पहुंचा देती हैं। पिछले दो महीनों में सराभा नगर, हंबड़ां रोड और अब ताजपुर रोड समेत शहर के कई इलाकों में पेयजल सप्लाई टूटने के मामले सामने आ चुके हैं। जल आपूर्ति से जुड़े एक्सपर्ट डॉ. दलजीत सिद्धू के मुताबिक अंडरग्राउंड ड्रिलिंग सबसे बड़ा खतरा बन चुकी है। ड्रिल मशीनों से कई जगह पाइप फूट गए हैं और पानी सड़कों पर बह रहा है। इससे न केवल करोड़ों रुपए की पाइपलाइन बर्बाद हो रही है, बल्कि बाद में किए जाने वाले अस्थायी जोड़ भविष्य में लीकेज का कारण बनेंगे। ज्यादा प्रेशर वाली इन लाइनों में जहां भी छेद या जोड़ होगा, वहां से दोबारा लीकेज शुरू हो जाएगा, जिससे गंदा पानी मिक्स होने की पुरानी समस्या जस की तस बनी रहेगी। कंपनियों का किया जाएगा रिव्यू 3200 करोड़ से 24×7 नहरी पानी योजना निगम लापरवाही से मुश्किलों में केस-3 सराभा नगर में भी लीकेजं: सराभा नगर में भी अंडरग्राउंड केबल डालने के बाद कई जगह नई वाटर सप्लाई लाइनें लीकेज कर चुकी हैं, जिससे लोगों को फिर से दूषित पानी मिलने का खतरा बढ़ गया है। हंबड़ां रोड पर डीएमसी अस्पताल के पास एक सप्ताह पहले अंडरग्राउंड केबल डालते समय मेन वाटर सप्लाई लाइन तोड़ दी गई। पाइप फूटने से पूरी सड़क पर पानी भर गया, लेकिन किसी अधिकारी को सूचना तक नहीं दी गई। शाम तक पानी बहता रहा और बाद में मिट्टी डालकर गड्ढा बंद कर दिया गया। बीएंडआर ब्रांच के अधिकारी शाम लाल गुप्ता ने मामले की जांच की बात कही। 20 जनवरी 2025 को बीएंडआर ब्रांच ने एक टेलीकॉम कंपनी को अंडरग्राउंड केबल डालने की मंजूरी दी। न तो ओएंडएम ब्रांच से एनओसी ली गई और न ही यह बताया गया कि केबल कहां डाली जाएगी। एक साल बाद अब यह काम शुरू हुआ और ताजपुर रोड पर ड्रिलिंग के दौरान वाटर सप्लाई लाइन तोड़ दी गई। पानी बर्बाद होने के बाद कंपनी के कारिंदों ने पाइप पर चप्पल लगाकर अस्थायी मरम्मत कर दी। अब वही जगह लीकेज बन चुकी है, जिससे साफ पानी के साथ गंदगी भी सप्लाई में मिल रही है। ओएंडएम अधिकारी बलजिंदर सिंह ने साफ कहा कि उन्हें इस काम की कोई जानकारी नहीं दी गई थी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *