एक माह के बच्चे की आंतें उलझी,सर्जरी कर बचाई जान:बीएमसी में 3 घंटे चली सर्जरी,गैंग्रीन व सेप्टिसीमिया होने का था खतरा, अब सुरक्षित

सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) में चिकित्सकों की टीम ने आपातकालीन सर्जरी कर एक माह के नवजात की जान बचाई है। सर्जरी के बाद बच्चा सुरक्षित है। उसने अस्पताल में निगरानी में रखा गया है। बीएमसी प्रबंधन के अनुसार, 12 दिसंबर को गंभीर अवस्था में नवजात को बीएमसी में भर्ती कराया गया था। बच्चे को लगातार उल्टियां हो रही थीं। जांच के दौरान एक्स-रे में पाया गया कि उसकी आंतें उलझ गई हैं। उसे अवरोधित (ऑब्सट्रक्टेड) इनगुइनल हर्निया था। डॉक्टरों के अनुसार यदि समय पर सर्जरी नहीं की जाती तो नवजात को आंतों में गैंग्रीन और सेप्टिसीमिया जैसी घातक स्थिति उत्पन्न हो सकती थी। जिससे नवजात की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत वरिष्ठ चिकित्सकों को सूचना दी गई। एक दिन वेंटिलेटर और तीन दिन ऑक्सीजन सपोर्ट दिया
मामला सामने आते ही इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के डॉ. सत्येंद्र उईके के निर्देशन में पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. विशाल गजभिये, डॉ. सौरभ जैन ने तत्काल नवजात की जांच कराई। जिसके करीब आधे घंटे में नवजात की इमरजेंसी सर्जरी का निर्णय लिया गया। डॉक्टरों की टीम ने नवजात की सर्जरी शुरू की। इस दौरान करीब 3 घंटे तक चली जटिल आपातकालीन सर्जरी के बाद सफलतापूर्वक शिशु की जान बचा ली गई। सर्जरी के बाद शिशु को एनआईसीयू में रखा गया। जहां एक दिन वेंटिलेटर और उसके बाद तीन दिनों तक ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया। शुरुआत में शिशु को दूध नहीं दिया गया। लेकिन चौथे दिन से धीरे-धीरे फीडिंग शुरू की गई। जिससे उसकी स्थिति में निरंतर सुधार हुआ। अब नवजात सुरक्षित और स्वस्थ है। डॉक्टरों की निगरानी में है। सफल सर्जरी करने वाली टीम में ये थे शामिल
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. पीएस ठाकुर ने कहा कि इस प्रकार की जटिल सर्जरी बीएमसी में पूर्णतः निशुल्क उपलब्ध हैं। एक माह के बच्चे की सफल सर्जरी करने वाली टीम ने सराहनीय कार्य किया है। सर्जरी टीम में निश्चेतना (एनेस्थिसिया) विभाग की टीम डॉ. सर्वेश जैन, डॉ. मोहम्मद इलियास ने विशेष सावधानी के साथ सफल एनेस्थीसिया प्रदान किया। जिससे सर्जरी सुचारु रूप से संपन्न हो सकी। शिशु विभाग की टीम में डॉ. आशीष जैन, डॉ. रूपा अग्रवाल, डॉ. अंकित जैन, डॉ. अजीत आनंद असाठी, डॉ. महेंद्र सिंह चौहान, डॉ अंकित जैन (एसआर) डॉ. नरेंद्र परमार, डॉ. पियूष गुप्ता, डॉ. सौम्या व्यास शामिल रहे। इसके अलावा इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के डॉ. प्रियांशु जैन, ओटी स्टाफ विनोद कुमार शर्मा समेत अन्य स्टाफ शामिल रहा।

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