भास्कर संवाददाता | सीहोर साल 2025 का आखिरी महीना दिसंबर खास होता है, क्योंकि इस महीने के बीच से खरमास शुरू होता है। खरमास में कोई भी शुभ-मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। खरमास के एक महीने में सभी शुभ-मांगलिक कार्य जैसे सगाई, शादी, गृह प्रवेश, मुंडन, नए काम की शुरुआत करना निषिद्ध होता है। ज्योतिष पद्म भूषण स्वर्ण पदक प्राप्त ज्योतिषाचार्य डॉ. पंडित गणेश शर्मा ने बताया कि सूर्य के धनु राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास शुरू होगा और सूर्य के धनु राशि से निकलते ही खरमास समाप्त हो जाएगा। इस साल 16 दिसंबर से खरमास शुरू होगा और 14 जनवरी 2026 को समाप्त होगा। 16 दिसंबर को धनु संक्रांति है, इसी दिन सूर्य गोचर करके धनु राशि में प्रवेश करेंगे। खरमास में वर्जित हैं ये काम पंडित शर्मा ने बताया कि हिंदू धर्म में खरमास को अशुभ समय माना गया है। नया घर, संपत्ति, वाहन खरीदना भी खरमास में अशुभ माना जाता है। खरमास में पूजा-पाठ, ध्यान-साधना करना बहुत शुभ होता है। इस समय में विशेष रूप से सूर्य की पूजा की जाती है। लिहाजा रोज तांबे के पात्र से सूर्य को जल चढ़ाएं। सूर्य मंत्र पढ़ें, दान-पुण्य करें, धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करें। खरमास को भगवान नारायण की विशेष आराधना, दान-पुण्य और सेवा का मास माना गया है। इस दौरान विष्णु सहस्रनाम, पुरुष सूक्त, भागवत पाठ, आदित्य हृदय स्तोत्र, सत्यनारायण कथा, अन्न-दान, वस्त्र-दान, गौ-सेवा और ब्राह्मणों को अन्न-फल अर्पित करना फलदायी माना जाता है।


