एक शाम भोले के नाम संकीर्तन करवाया

मोगा| मोगा के गांधी रोड स्थित गोपाल गोशाला स्थित शिव मंदिर में एक शाम भोले के नाम संकीर्तन का आयोजन किया गया। पुजारी पवन कौशिक के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने गणपति पूजन करके भगवान शिव की पूजा की। भोले बाबा का दूध, गंगाजल से अभिषेक करके बेलपत्र, फूल फल अर्पित किए। इस दौरान भगवान की महिमा का गुणगान किया। पंडित पवन कौशिक ने शिव महिमा का व्याख्यान करते कि शिव यानी महाकाल, भोलेनाथ, शम्भू, नीलकंठ और न जाने ऐसे कितने नामों से पुकारे जाने वाले, शिव की महिमा के बहुत से क़िस्से, धार्मिक किताबों में मिलते हैं। शिव आदि हैं और अंत भी। संसार सुख और दुख, दोनों का मिलाजुला रूप है। कोई इसे अपने सोच से सुखदाई बनाता है तो कोई दुखदाई। देखा जाए तो दोनों स्थिति में सिक्के के दो पहलू की तरह हैं। सिक्के को किसी तरह रखा जाए, उसकी कीमत नहीं घटती। इसी तरह जीवन को भी लेना चाहिए। हमारे आध्यात्मिक ग्रंथों में शिव को बहुत सरल देवता के रूप में दर्शाया गया है। लोकहित के लिए समुद्र मंथन के वक्त वह खुद आगे बढ़कर विष पीते हैं।

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