ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कोटा सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक कर एसडीआरएफ द्वारा दिए गए बजट की क्रियान्विति की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही किसानों को खाद वितरण से संबंधित समस्या के निस्तारण पर चर्चा की। बैठक में समसा, शिक्षा विभाग, पीडब्ल्यूडी, कृषि, केसीसीबी, सहकारिता, इफको, कृभको, ओएफसीसी के अधिकारी मौजूद रहे। मीडिया से बातचीत में ऊर्जा मंत्री हीरालाल लाल ने कहा खाद की किल्लत हो रही है। इस बार सबसे बड़ी समस्या ये आ रही है कि बरसात होने के बाद एक साथ पूरे एरिया में बुआई हुई है। पहले स्टेप बाय स्टेप होती थी। पहले जब जब पानी देते थे जरूरत के हिसाब से रिक्वायरमेंट आई थी। इस बार एकदम रिक्वायरमेंट आने से थोड़ी समस्या है।
हमने इस पर पूरा एनालिसिस किया है। अधिकारी को कहा है कि इस महीने 5 हजार मीट्रिक टन सप्लाई होना था वह कम है। उसकी पूर्ति करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। सीएफसीएल आने वाले चार-पान दिन में अतिरिक्त आवंटन करेगा। हर दिन 1000 से 1200 हजार मीट्रिक टन एक्स्ट्रा देगा। ये खाद जीएसएस के माध्यम से सीधा किसानों के पास जाए ऐसे निर्देश दिए हैं। आने वाले 6-7 दिन में लगभग तीन रैक कोटा में आ रही है ।अधिकारियों को कालाबाजारी व अटैचमेंट पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। आने वाले एक सप्ताह में सप्लाई पूरी तरह से व्यवस्थित व नॉर्मल हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इस बार हमारे यहां ज्यादा बरसात होने से काफी ज्यादा स्कूल में छत टपकने की समस्या आई । कई स्कूल ऐसे थे जो क्षतिग्रस्त हुए हैं।आज अधिकारों से बातचीत की है। सांगोद विधानसभा के 223 स्कूल मेसे 12 स्कूल ऐसे है जो जमीदोंज किए जाएंगे। इन स्कूलों में बैठाने के लिए अस्थाई शेड बनाए जाएंगे। इसके अलावा सर्वे करवाया है। कमेटी बनाई भी बनाई है। पीडब्लूडी, समसा, सिचाई विभाग के साथ सीएफसीएल को भी इसमें शामिल किया है। सभी 223 स्कूलों में मरम्मत खर्च का आंकलन 10 से 12 करोड़ का आंका है। मैंने निर्देश दिए हैं जल्द ही सीएसआर के माध्यम से इस काम को कराया जाएगा। सड़कों की घटिया क्वालिटी पर उन्होंने कहा कि पेच रिपेयर एक सतत प्रक्रिया है। कही कम बन रहा है या वापस उखड़ रहा है तो उसे दोबारा ठीक करवाएंगे। मैं लगातार मॉनीटरिंग कर रहा हूं। घटिया सामग्री लगाने वाले को बक्शा नहीं जाएगा। क्वालिटी से कोई समझौता नहीं होगा। सभी अभियंताओं को निर्देश दिए हैं की क्वालिटी के साथ काम करें। अच्छा काम करने वाले को हम सम्मानित करेंगे। जो काम में कोताही भरत रहा है तो उसको खामियाजा भुगतना पड़ेगा।


