भिंड जिले के मेहगांव थाना क्षेत्र के कुपावली गांव में अमर शहीद पवन सिंह भदौरिया की द्वितीय पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर के असिस्टेंट कमांडेंट कुलदीप कुमार वशिष्ठ विशेष रूप से मौजूद रहे। हालांकि आयोजन में जिले का कोई भी जनप्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ। प्रथम पुण्यतिथि पर की गई घोषणाएं एक वर्ष बाद भी पूरी न होने से ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए सीआरपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट कुलदीप कुमार वशिष्ठ ने कहा कि शहीद केवल अपने परिवार का नहीं, बल्कि पूरे देश और बल का होता है। शहीद के परिजनों के साथ खड़ा रहना हमारी जिम्मेदारी है और सीआरपीएफ हमेशा उनके साथ रहेगा। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने शहीद पवन सिंह भदौरिया के बलिदान को याद करते हुए कहा कि ऐसे वीर जवानों की बदौलत देश सुरक्षित है। वहीं दूसरी ओर, जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति को लेकर ग्रामीणों में असंतोष साफ नजर आया। ग्रामीणों का कहना था कि पहली पुण्यतिथि पर शहीद की स्मृति में शहीद गेट निर्माण, स्कूल का नामकरण और सामुदायिक भवन बनाए जाने की घोषणाएं की गई थीं, लेकिन एक साल बीतने के बावजूद कोई भी कार्य शुरू नहीं हो सका।
ग्रामीणों ने इसे वादाखिलाफी बताते हुए कहा कि शहीद के नाम पर की गई घोषणाएं केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से शहीद के सम्मान में किए गए वादों को शीघ्र पूरा करने की मांग की। अंत में दो मिनट का मौन रखकर शहीद को श्रद्धांजलि दी गई। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार शहीद पवन सिंह भदौरिया की स्मृति में तत्कालीन मंत्री राकेश शुक्ला द्वारा शहीद गेट निर्माण, स्कूल का नामकरण और स्मारक बनाए जाने की घोषणा की गई थी। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष कमल सिंह भदौरिया ने सामुदायिक भवन निर्माण का आश्वासन दिया था। द्वितीय पुण्यतिथि तक न तो ये घोषणाएं पूरी हुईं और न ही संबंधित जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में पहुंचे, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।


