भास्कर न्यूज | कोरबा बदलते लाइफ स्टाइल के साथ धुम्रपान-तंबाकू व शराब के सेवन से जिले में मंुह के कैंसर के केस बढ़ रहे हैं। वहीं महिलाओं में स्तन कैंसर के केस भी ज्यादा आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक साल के दौरान 331 कैंसर के मरीज पंजीकृत हुए जिसमें 2 सौ से ज्यादा मरीज मुंह के कैंसर के चिन्हित हुए हैं। कीमोथेरेपी से मरीजों का इलाज किया जा रहा है। औद्योगिकीकरण व शहरीकरण की वजह से लोगों का लाइफ स्टाइल (जीवनशैली) में लगातार बदलाव हो रहा है। पुरूष वर्ग खासकर युवा वर्ग धुम्रपान, तंबाकू से बने गुटका व अन्य पदार्थ समेत शराब का सेवन कर रहे हैं। यहीं गलत लाइफ स्टाइल उन्हें मुंह के कैंसर की ओर खींच रही है। यह हम नहीं कह रहे बल्कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में खुले कैंसर डिपार्टमेंट का डाटा बयां कर रहा है। जहां एक साल के दौरान कुल 331 कैंसर के मरीज पंजीकृत हुए, उनमें से 2 सौ से अधिक मुंह के कैंसर के मरीज मिले। महिलाओं में भी तेजी से स्तन कैंसर के केस बढ़ रहे हैं क्योंकि बाकी बचे मरीजों में ऐसे ही केस हैं। डिपार्टमेंट के डॉक्टरों के अनुसार बदलते लाइफ स्टाइल के दौरान नशीली पदार्थो जैसे शराब व तंबाकू का सेवन करने के कारण लोग तेजी से मुंह के कैंसर के शिकार हो रहे हैं। धूम्रपान या तंबाकू का सेवन, अत्यधिक शराब पीना, मानव पेपिलोमावायरस का संक्रमण, खराब पोषण, रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना, आनुवंशिक प्रवृत्ति, रसायनों के संपर्क में आना, क्रॉनिक गैस्ट्रोएसोफ़ेगल रिफ़्लक्स रोग से मुंह के कैंसर होते हैं। जिसके लक्षण गर्दन में गांठ होना, मुंह के अंदर घाव, छाले, मुंह से खून निकलना, चेहरे, गर्दन या मुंह में सुन्नता या दर्द होना, चबाने, निगलने, बोलने या जीभ हिलाने में दिक्कत व कान में दर्द होना, सांस में बदबू का उठना है। इसी तरह स्तन कैंसर महिलाओं में पीरियड्स के बाद मोटापा, व्यायाम की कमी, बच्चों का स्तनपान न कराने के कारण होता है। एक साल से कीमोथेरेपी की सुविधा भी मिल रही मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दो साल पहले कैंसर डिपार्टमेंट की शुरूआत हुई लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने से मात्र स्क्रीनिंग हो रही थी। एक साल पहले डिपार्टमेंट ऑफ रेडियेशन ऑन्कोलॉजी में विशेषज्ञ चिकित्सक के रूप में डॉ. दीपिका नगेसिया (सीनियर रेसीडेंट), डॉ. उपासना सिन्हा (असिस्टेंट प्रोफेसर) व डॉ. सोनू साहू (जूनियर रेसीडेंट) की पदस्थापना हुई। जिसके बाद से कीमोथेरेपी की सुविधा शुरू हुई। ऑपरेशन योग्य केस में विशेषज्ञ टीम मरीजों का ऑपरेशन भी कर रही है। बदलता लाइफ स्टाइल कैंसर का प्रमुख कारण ^कोरबा मेडिकल कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ रेडियेशन अंकोलॉजी की सीनियर रेसीडेंट डॉ. दीपिका नगेसिया के मुताबिक लोगों के बीच बदलता लाइफ स्टाइल कैंसर का प्रमुख कारण है। संस्था में पहुंचने वाले मरीजों में ज्यादातर मुंह के कैंसर व स्तन कैंसर के मरीज है। लोगों को कैंसर से बचाव के लिए लाइफ स्टाइल को बेहतर रखने की जरूरत है।


