चित्तौड़गढ़ में “एक सुबह गौ माता के नाम” पर गौ सेवकों ने विशाल प्रभात फेरी निकाली। यह प्रभात फेरी प्रशासनिक संत राकेश पुरोहित के सानिध्य में निकाली गई। प्रभात फेरी शहर के सुभाष चौक से भजन कीर्तन के साथ रवाना हुई, जो अलग अलग जगहों से गुजरती हुई दुर्ग स्थित कालिका माता मंदिर, बाण माता मंदिर और मीराबाई मंदिर तक पहुंची। वहां पर पीले चावल से निमंत्रण दिया गया। सर्दियों के बावजूद भी शहर के कई भक्त शामिल हुए और उनमें उत्साह देखा गया। जिले में ऐसा पहली बार हुआ जहां गौ माता के नाम पर प्रभात फेरी निकाली गई हो। गौ सेवा करना हमारा पहला उद्देश्य गौभक्त प्रशासनिक संत राकेश पुरोहित ने बताया कि हमारा मुख्य उद्देश्य सब को मिलकर गौ माता की रक्षा और इनकी सेवा करना है। अभी गौ माता दर-दर भटक रही, इनको कोई पूछने वाला नहीं इसीलिए हम सबको मिलकर धन्वंतरि कार्यालय खुलवाना चाहिए। जहां गौ-माता ख्याल रखा जा सके। इसके लिए 11 जनवरी से 14 जनवरी तक लालजी खेड़ा में कथा का आयोजन किया जाएगा, जिससे गौ माता की रक्षा की जा सके। गौरतलब है कि गो सेवार्थ पहली बार प्रभात फेरी निकाली गई है। इसमें कई जनप्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। इसके अलावा बड़ी संख्या में भक्तों ने भी भाग लिया। पीले चावल देकर किया निमंत्रण यह प्रभात फेरी सुभाष चौक से शुरू हुई। वहां भजन कीर्तन का आयोजन हुआ। प्रभात फेरी गोल प्याऊ, गांधी चौक, मिठाई बाजार से होते हुए पाडनपोल, कलिका माता मन्दिर, बाण माता मीराबाई के मन्दिर पहुंची। यहां पर सभी मंदिरों में चावल से माताजी को नियंत्रण दिया गया। विभिन्न गावों और शहर से लालजी का खेड़ा, सुखवाड़ा, बोजुन्दा से आए सैकड़ों की संख्या में भक्तों की मौजूदगी में प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें कई जगह अलग-अलग समाज संगठनों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।


