भास्कर न्यूज | अमृतसर गुरु नानक देव विश्वविद्यालय में उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए जब चल रही परीक्षा के दौरान एक सिख प्रोफेसर ने सिख छात्र की पगड़ी की तलाशी लेनी शुरू कर दी और दावा किया कि छात्र ने नकल करने के लिए पगड़ी में पर्चियां छिपा रखी हैं। मामला तब तूल पकड़ गया जब छात्रों ने इसका विरोध किया। घटना जीएनडीयू के लॉ विभाग से जुड़ी है मगर पुलिस और सुरक्षा विभाग की सूझबूझ के कारण मामला सुलझ गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिख छात्र संगठन यूनाइटेड सिख स्टूडेंट फेडरेशन ने भी अपना विरोध जताया। फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जुगराज सिंह मझैल ने कहा कि लॉ विभाग में चौथे समेस्टर की परीक्षा दे रहे छात्र सिमरनदीप सिंह संधू को एक सिख प्रोफेसर द्वारा नकल करने का निराधार आरोप लगाते हुए पगड़ी की तलाशी लेनी शुरू कर दी, जो कि बेअदबी से कम नहीं है। मझैल ने आगे कहा कि गुरु नगरी में सिखों के प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी के नाम पर बनी जीएनडीयू के लॉ विभाग में सिख प्रोफेसर द्वारा पगड़ी के मुद्दे पर सिख विद्यार्थी को परेशान करना कई सवाल खड़े करता है। आज की घटना अत्यंत घृणित हैं। सिख छात्र संगठन इसका जवाब देने के लिए तैयार है। वहीं मझैल के अनुसार प्रोफेसर की ओर भविष्य में ऐसा कुछ नहीं होने का आश्वासन मिलने के बाद छात्र शांत हुए। मामले की सूचना मिलने पर पहुंचे एसीपी वेस्ट शिवदर्शन सिंह और मुख्य सुरक्षा अधिकारी हरविंदर सिंह ने दोनों पक्षों में बातचीत से मामले को सुलझाया।


