भास्कर न्यूज | बालोद विश्व एड्स दिवस पर शासकीय घनश्याम सिंह गुप्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय में जिला स्तरीय एड्स जागरूकता कार्यक्रम हुआ। जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के रेड क्रॉस सदस्य छात्र-छात्राओं ने भाग लेते हुए रंगोली व नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चेयरमैन रेड क्रॉस सोसायटी तोमन साहू रहे। मुख्य वक्ता भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी बालोद चेयरमैन डॉ. प्रदीप जैन एवं डॉ. जिला कार्यक्रम अधिकारी व एड्स विशेषज्ञ जीआर रावटे रहे। विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. एचएल मानकर, रूपनारायण देशमुख, कमला वर्मा, मधुमाला कौशल, लिली पुष्पा एक्का, रीमा सोरी,जिला संगठक चन्द्रशेखर पवार रहे। तोमन साहू ने कहा कि एड्स आज भी दुनिया की गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, मगर सही जानकारी, जागरूकता और विज्ञान पर भरोसा रखने से इसे रोका जा सकता है। एचआईवी संक्रमित व्यक्ति शत्रु नहीं, बल्कि हमारी संवेदनशीलता और सहयोग का पात्र है। उन्होंने युवाओं से समाज में फैली मिथकों, भेदभाव और अफवाहों को दूर करने का आग्रह किया। शिक्षित लोग ही संवेदनशील समाज बनते हैं: कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. जेके खलखो ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं युवाओं में जागरूकता बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि नशे से दूरी, सुरक्षित जीवनशैली और स्वस्थ आदतें एड्स रोकथाम में अत्यंत आवश्यक हैं। मुख्य वक्ता डॉ. प्रदीप जैन ने बताया कि एचआईवी सामान्य संपर्क हाथ मिलाने, साथ बैठने, खाने, छूने से नहीं फैलता। यह मुख्यतः असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई, संक्रमित रक्त चढ़ाने या गर्भावस्था में मां से बच्चे में फैल सकता है। उचित इलाज और समय पर जांच से रोगी लंबा, सामान्य और सम्मानजनक जीवन जी सकता है। उन्होंने युवाओं से कहा,डरिए नहीं जांच कराइए।


