एचईसी में सप्लाई मजदूरों का आंदोलन खत्म हो गया है। 50 दिनों बाद सप्लाई मजदूरों के काम पर लौटने से एचईसी के तीनों प्लांट्स में काम तेजी से होने लगा है। आधे से ज्यादा सप्लाई कर्मी काम पर लौट आए हैं, बाकी बचे सप्लाई वर्कर गेट पास बनवा रहे हैं। एक से दो दिन में प्रक्रिया पूरी कर ली जाने की उम्मीद है। इनके काम पर नहीं रहने के कारण पिछले माह करीब 10 करोड़ रुपए का डिस्पैच का काम नहीं हो सका था। यह अब तेजी से होने लगा है। एचईसी के अधिकारी ने बताया कि 2 से 3 दिन में 10 करोड़ रुपए का डिस्पैच पूरा कर दिया जाएगा। एनसीएल का रूफ ड्रम और स्पेयर पार्ट्स का डिस्पैच करना है। एचईसी के तीनों प्लांट में उत्पादन कार्य तेजी से चल रहा है। एचईसी को कैसे आगे बढ़ाया जाए, इसपर डायरेक्टर्स मंथन कर रहे हैं। इन्हें उम्मीद है कि केंद्र सरकार से भी जल्द ही सपोर्ट मिलेगा। दूसरी तरफ एचईसी के कामगारों में भी उत्साह दिख रहा है। जो भी सप्लाई कर्मी आंदोलन के दौरान प्लांट्स में काम करने गए थे, एचईसी प्रबंधन उनका वेतन दे रहा है। सप्लाई कर्मियों की सभी मांगे एचईसी प्रबंधन ने मान ली है। एचईसी श्रमिक संघ के अध्यक्ष सन्नी सिंह, एचईसी मजदूर संघ के महामंत्री रामाशंकर प्रसाद, हटिया मजदूर लोकमंच के सचिव विमल महली ने रक्षा राज्यमंत्री से आग्रह किया है कि संसदीय समिति द्वारा एचईसी के संबंध में केंद्र सरकार को सौंपे रिपोर्ट पर जल्द से जल्द काम कराया जाए। प्रबंधन ने बताया कि वर्तमान में एचईसी के पास एनसीएल, सीसीएल, बीएपपी, बीएसएल, भेल, दुर्गापुर स्टील आदि के 800 करोड़ रुपए का वर्कऑर्डर है। सभी वर्कऑर्डर पर काम होगा। सि तंबर माह में 15 करोड़ का डिस्पैच किया जाएगा। प्रबंधन ने यह भी कहा कि एचईसी के पास वर्कऑर्डर की कमी नहीं है। जरूरत है तो सभी को मिलकर मेहनत से काम करने की। आने वाले महीनों में और भी कार्यादेश मिलेंगे।


