शहर से होकर गुजर रहे नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के हाइवे इन दिनों यात्रियों के लिए सुरक्षित नहीं हैं। खासतौर पर धुंध के मौसम में एनएच-44 पर रोड सेफ्टी को लेकर हालात बेहद चिंताजनक हैं। जिला प्रशासन की चेतावनियों के बाद भी एनएचएआई के स्थानीय प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। यही वजह है कि मंगलवार को हुई रोड सेफ्टी कमेटी की बैठक में डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने एनएचएआई को सीधा अल्टीमेटम जारी कर दिया कि अगर एक हफ्ते में रोड सेफ्टी के सभी जरूरी काम पूरे नहीं किए गए तो लाडोवाल टोल प्लाजा से ठेकेदार को होने वाली रोजाना की कमाई जब्त की जाएगी। डीसी ने चेताया, ऐसी स्थिति में एक अलग एक्स-क्रो अकाउंट खोला जाएगा, जिसमें टोल प्लाजा से होने वाली पूरी कमाई डाली जाएगी। इसी फंड का इस्तेमाल लुधियाना रेंज में एनएचएआई के हाइवे पर रोड सेफ्टी के काम कराने में करेंगे। बैठक में नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, पावरकॉम, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट, आरटीए और ट्रैफिक एडवाइजर राहुल वर्मा समेत सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन एनएचएआई अफसर गैरहाजिर थे। इसे डीसी ने नियमों का खुला उल्लंघन माना। एनएच पर बड़े हादसों की बड़ी वजह अधूरे रोड सेफ्टी प्रबंध: डीसी डीसी ने माना कि बीते कुछ समय में नेशनल हाइवे पर हुए बड़े हादसों की एक बड़ी वजह रोड सेफ्टी के अधूरे और गलत इंतजाम रहे हैं। एनएचएआई के स्थानीय प्रोजेक्ट डायरेक्टर के खिलाफ नियमों के उल्लंघन को लेकर एनएचएआई के चेयरमैन को पत्र लिखा जाएगा। बैठक में एनएच-44 पर रोड सेफ्टी से जुड़ी कई गंभीर खामियां भी सामने आईं। इनमें रात के समय स्ट्रीट लाइटों का बंद रहना, सर्विस रोड की लाइटें न जलना, हाइवे पर रोड फर्नीचर का अभाव, अवैध कट बंद न होना, जगह-जगह गड्ढे, दिशा सूचक बोर्डों की कमी और निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा उपाय न करना शामिल है। इन सभी खामियों को दूर करने के आदेश पिछले सप्ताह ही दिए गए थे, लेकिन एनएचएआई अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके अलावा डीसी ने आरटीए से कमर्शियल वाहनों को लेकर रिपोर्ट मांगी है कि अब तक कितने चालान किए गए हैं। हाइवे पर भारी वाहनों के खड़े रहने पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। लाडोवाल से रोज ~1 करोड़ कलेक्शन, अलग एक्स क्रो अकाउंट खोलेंगे रिपोर्ट के मुताबिक फिरोजपुर एलिवेटेड रोड को छोड़ दिया जाए तो बाकी किसी भी नेशनल हाइवे पर रोड सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। कहीं काम अधूरा है तो कहीं शुरू ही नहीं हुआ। डीसी हिमांशु जैन ने कहा, लाडोवाल टोल के फंड का इस्तेमाल लुधियाना रेंज में एनएचएआई के हाइवे पर रोड सेफ्टी के काम कराने में करेंगे। गौर हो, लाडोवाल टोल से रोजाना एक करोड़ रु. से ज्यादा टोल वसूला जा रहा है, पर यात्रियों को सुरक्षित सफर तक मुहैया नहीं है। डीसी ने पीडब्ल्यूडी विभाग से ब्लैक स्पॉट को खत्म करने की रिपोर्ट मांगी है, जबकि नगर निगम से शहर में जाम के कारण, गड्ढा मुक्त सड़कों, ट्रैफिक सुधार के लिए चौराहों की स्थिति पर रिपोर्ट तलब की गई है। पावरकॉम से सड़कों के बीच बिजली के खंभे हटाने की कार्रवाई का ब्योरा मांगा गया है।


