छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से बातचीत के बाद एनएचएम कर्मचारियों ने अपनी 34 दिन की हड़ताल समाप्त कर दी है। एनएचएम कर्मचारी संघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष श्याममोहन दुबे ने इसकी जानकारी दी। बिलासपुर में 735 हड़ताली कर्मचारियों ने ढोल-ताशे के साथ सीएमएचओ कार्यालय पहुंचकर ज्वाइनिंग दी। कर्मचारी 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे। संघ के अनुसार 33 दिनों की हड़ताल के दौरान सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं और स्वास्थ्य सूचकांक की रिपोर्टिंग प्रभावित रही। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की पहल पर शुक्रवार रात संगठन के पदाधिकारियों की मुख्यमंत्री से मुलाकात हुई। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के मिशन संचालक और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने ग्रेड पे सहित 6 मांगों पर शीघ्र कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। साथ ही ग्रेड पे, अनुकम्पा नियुक्ति और स्थानांतरण नीति के लिए बनाई गई कमेटी को 3 महीने में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। कोन्हेर उद्यान में जश्न मनाया
शनिवार को बिलासपुर ज़िले के सभी एनएचएम कर्मचारियों ने पहले हड़ताल स्थल कोन्हेर उद्यान में जीत का जश्न मनाया और बाइक रैली करते हुए सीएमएचओ कार्यालय पहुंचे, जहां डा. शुभा गढ़ेवाल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कर्मचारियों की ज्वाइनिंग स्वीकार की। जनस्वास्थ्य प्राथमिकता: दुबे
संगठन के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष श्याम मोहन दुबे ने बताया कि जन सामुदाय के स्वास्थ्य एवं उनके हितों की रक्षा शुरू से ही संगठन की प्राथमिकता रही है। मुख्यमंत्री द्वारा शीघ्र ही मांगों का निराकरण करने के निर्देश अफसरों को देने के बाद प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर सभी कर्मचारियों ने शनिवार को अपनी हड़ताल स्थगित करते हुए ज्वाइनिंग दे दी है। स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर लाने का दावा
एनएचएम कर्मचारियों के काम पर वापसी के बाद अब स्वास्थ्य सुविधाओं के पटरी पर चलने की उम्मीद संघ ने जताई है। आज संगठन की कार्यवाही में जिला अध्यक्ष राजकुमार यादव, उपाध्यक्ष जीवन महंत, कोषाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, महामंत्री रितुराज शर्मा, राधेश्याम सूर्यवंशी, महिला विंग से अध्यक्ष अजीता पांडेय, उपाध्यक्ष, डॉ सिंड्रेला पाल, डा सोनम अग्रवाल, शहनाज़, हेमा, लक्ष्मी, वर्षा आदि शामिल रहे।


