खारा औद्योगिक क्षेत्र में पीओपी की फैक्ट्रियों से होने वाले वायु प्रदूषण को लेकर एनजीटी में 4 फरवरी को जवाब पेश होना है। इसे देखते हुए पॉल्यूशन कंट्रोल मेजर्स लगाने का काम तेज हो गया है। खारा औद्योगिक क्षेत्र में पीओपी की कुल 125 फैक्ट्रियों में से 50 में पॉल्यूशन कंट्रोल मेजर्स (पीसीएम) लग चुके हैं। यह सभी फैक्ट्रियां लगातार चल रही हैं। अन्य फैक्ट्रियों में काम चल रहा है। इन सभी फैक्ट्रियों में डस्ट कलेक्टर और वाटर स्क्रबर के टैंक लगाए जा रहे हैं। भट्टी से धुआं डस्ट कलेक्टर में आएगा तो पर्टिकुलेट मैटर नीचे बैठ जाएंगे। उसके बाद धुआं दूसरे ड्रम में भरे पानी से होकर चिमनी के जरिए बाहर निकलेगा। इस प्रक्रिया से प्रदूषण फैलाने वाले कण ड्रम में ही रह जाएंगे। इन दिनों खारा में चिमनियों से सफेद धुआं निकल रहा है। खारा गांव में भी हालात पहले जैसे नहीं हैं। मिनरल जोन की कुछ फैक्ट्रियों में प्रोडक्शन भी शुरू हो गया है। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी लगातार फैक्ट्रियों पर नजर रखे हुए हैं। पीसीएम लगाने में तकनीकी खामियां मिलने पर उन्हें तत्काल दुरुस्त कराया जा रहा है। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राजकुमार मीणा ने बताया कि सभी फैक्ट्रियों में पीसीएम लगने के बाद जयपुर से टीम जांच के लिए आएगी। वह टीम तय करेगी कि पीसीएम पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के पैरामीटर में हैं या नहीं। खारा उद्योग संघ के अध्यक्ष परविंदर सिंह का कहना है कि पीसीएम लगाने के लिए स्थानीय स्तर पर किया गया प्रयोग ही सफल साबित हुआ है। दरअसल खारा गांव में वायु प्रदूषण का स्तर पीएम 10 से अधिक हो गया था। भास्कर ने मुद्दा उठाया तो पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड हरकत में आया। इसे लेकर एनजीटी में भी एक परिवाद दायर किया जा चुका है। एनजीटी ने कलेक्टर और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की टीम बनाकर जांच के आदेश दिए हैं। रीको के दबाव में चार दीवारी बना रहे, नहीं हटी सड़कों से धूल खारा औद्योगिक क्षेत्र में पीओपी की गर्द सड़कों पर पसरी पड़ी है। सफाई का काम रीको का है, जो अब तक शुरू नहीं हो पाई है। अतिक्रमण को लेकर कुछ फैक्ट्रियों को नोटिस मिलने के बाद उद्यमियों ने अपनी-अपनी फैक्ट्रियों की चार दीवारी बनाने और पौधारोपण का काम शुरू कर दिया है, लेकिन रीको ने सफाई का काम अब तक शुरू नहीं कराया है। गाड़ियों के आवागमन से हर समय धूल उड़ती रहती है। सड़कों की मरम्मत भी सफाई के बाद ही हो पाएगी। औद्योगिक क्षेत्र में सफाई के लिए नगर निगम ने करीब 68 लाख का टेंडर किया था। सफाई का काम करणी औद्योगिक क्षेत्र से शुरू किया गया है। रीको के डीजीएम एसके गर्ग ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में सफाई के साथ अतिक्रमण भी हटाए जा रहे हैं। सफाई की मॉनिटरिंग के लिए सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं। ठेकेदार की ओर से लगाए गए डंपर और जेसीबी का भी रोज हिसाब रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि करणी में काम पूरा होने के बाद खारा में सफाई कराई जाएगी। “खारा की पीओपी फैक्ट्रियों में पीसीएम लगाने का काम चल रहा है। इसके लिए गाइड लाइन और पैरामीटर जयपुर मुख्यालय तय करेगा। गांव और स्कूल में भी स्थिति में काफी सुधार है। पूरे क्षेत्र की रोज मॉनिटरिंग की जा रही है।”
-राजकुमार मीणा, क्षेत्रीय अधिकारी, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड “पीओपी फैक्ट्रियों में पीसीएम किस गाइड लाइन के तहत लगाए जा रहे हैं, यह स्पष्ट नहीं है। गांव में अभी प्रदूषण नहीं के बराबर है। क्योंकि फैक्ट्रियां भी पूरी नहीं चल रहीं। यदि पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने पुख्ता इंतजाम नहीं किए तो फिर से पहले वाले हालात पैदा होने की आशंका है।”
गजे सिंह, खारा निवासी


