अंबावगढ़ निवासी प्रख्यात डाक टिकट संग्रहकर्ता रवि खमेसरा का रविवार को निधन हो गया। उनकी अंतिम इच्छा के अनुरूप परिजनों ने सोमवार को आरएनटी मेडिकल कॉलेज को देहदान कर श्रद्धांजलि अर्पित की। लच्छीराम हंजाबाई सुखलेचा चैरिटेबल ट्रस्ट के सचिव गौतम सुखलेचा ने बताया कि मोक्ष रथ में अंतिम यात्रा के रूप में पार्थिव देह को आरएनटी मेडिकल कॉलेज लाया गया। सैकड़ों समाजजनों एवं परिजनों की उपस्थिति में एनाटॉमी विभाग में देहदान की प्रक्रिया पूरी की गई। बता दें, रवि खमेसरा मिलनसार, सरल एवं सादगीपूर्ण व्यक्तित्व के धनी थे। खमेसरा धार्मिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया। वे गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में पुरस्कृत डाक टिकट संग्रहकर्ता थे। परिवार में पत्नी पुष्पा खमेसरा एवं बेटे प्रशांत खमेसरा सहित अन्य परिजन हैं। देहदान के दौरान राजकुमार चेलावत, अशोक लोढ़ा, शैलेंद्र खमेसरा, गौतम सुखलेचा सहित खमेसरा एवं चेलावत परिवार के सदस्य मौजूद थे। कॉलेज की ओर से डॉ. श्वेता अस्थाना, डॉ. सुनील शर्मा एवं डॉ. सुशांत ने परिवार का आभार व्यक्त किया। कॉलेज को इस वर्ष का तीसरा देहदान
आरएनटी मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार यह इस वर्ष का तीसरा स्वैच्छिक देहदान है। इसके साथ ही आशाधाम से दो देहदान हुए हैं। इससे पहले इसी वर्ष आशुलाल वर्डिया एवं संध्या नाहर का देहदान हो चुका है। सुखलेचा चैरिटेबल ट्रस्ट उदयपुर में अब तक 380 से अधिक देहदान संकल्प पत्र भरवा चुका है। एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील शर्मा ने बताया कि अब तक 176 स्वैच्छिक देहदान हुए हैं, जबकि आशा धाम एवं लावारिस शवों को मिलाकर 225 देहदान मिले हैं।


