नगर निगम:टारगेट 20 करोड़, 10 माह में 41% यूडी टैक्स ही वसूला, अब 2 माह में 59% वसूलने के लिए ताबड़तोड़ कार्रवाई

नगरीय विकास कर (यूडी टैक्स) वसूली पर 10 माह से खामोश बैठे नगर निगम ने अब भवन सीज की कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार को निगम की राजस्व शाखा ने 6 भवनों पर कार्रवाई की। इस दौरान दो संचालकों ने तुरंत ही बकाया टैक्स जमा करवा दिया। ऐसे में उन्हें सीज नहीं किया गया। जबकि, चार भवनों को सीज कर दिया गया। इन चारों का 89 लाख 29 हजार 246 टैक्स बकाया है। खास बात यह है कि राजस्व शाखा को साल 2025-26 में 20 करोड़ रुपए टैक्स वसूलना है। पिछले साल अप्रैल से अब तक शाखा सिर्फ 8.33 करोड़ रुपए यानी 41.65 प्रतिशत टैक्स ही जमा हुआ है। अब दो माह में 11.67 करोड़ रुपए यानी 58.35 फीसदी टैक्स वसूलना चुनौतीपूर्ण रहेगा। इसकी भरपाई करने के लिए सीज की कार्रवाई शुरू की है। आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि चरक मार्ग स्थित टखमण 28 आर्ट सेंटर का 24.44 लाख रुपए, नीमच खेड़ा के ट्रेजर टाउन स्थित एलटीवी 007 शोरूम का 57.8 लाख रुपए, राडाजी चौराहा स्थित वैदेही फूड प्लाजा का 4.31 लाख रुपए, सेवाश्रम पेट्रोल पंप के सामने स्थित चंद्रा मोटर्स का 3.44 लाख रुपए, सेक्टर-14 स्थित सिद्धि विनायक पार्क का 1.58 लाख रुपए और टाउनहॉल के सामने स्थित ग्रेट स्टेन शॉप का 6.06 लाख रुपए यूडी टैक्स बकाया है। नोटिस दिए गए, किसी ने भी संतोषप्रद जवाब नहीं दिया निगम ने सभी बकायादारों को नोटिस दिए थे। लेकिन किसी ने भी संतोषप्रद जवाब नहीं दिया। सोमवार सुबह राजस्व शाखा की टीम इन्हें सीज करने पहुंची। सिद्धि विनायक पार्क और ग्रेट स्टेन शॉप ने तुरंत ही टैक्स जमा करवा दिया तो इन्हें सीज नहीं किया गया। फिर बकाया टैक्स को लेकर टखमण 28 आर्ट सेंटर, एलटीवी 007 शोरूम, वैदेही फूड प्लाजा और चंद्रा मोटर्स की बिल्डिंग को सीज कर दिया गया। कार्रवाई सहायक प्रशासनिक अधिकारी विनोद अग्रवाल और होमगार्ड जाब्ते की मौजूदगी में हुई। सख्ती…आयुक्त बोले- वसूली तो हर हाल में होगी नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना का कहना है कि यूडी टैक्स जमा कराने के लिए सरकार की ओर से 31 मार्च तक की छूट दी जा रही है। इसके बावजूद शहरवासी छूट का लाभ नहीं लेते हुए टैक्स जमा कराने में लापरवाही बरत रहे हैं। शहरवासी स्वेच्छा से टैक्स जमा करवा दें, नहीं तो सरकार हर हाल में टैक्स वसूल करेगी। इसके लिए बकाया टैक्स वाली संपत्तियों को सीज करने की कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम क्षेत्र में 18 हजार संपत्तियां कर योग्य नगर निगम क्षेत्र में 18 हजार कर योग्य संपत्तियां हैं। इन्हें हर साल यूडी टैक्स जमा कराना होता है। ऐसा नहीं करने पर संपत्तियों को कुर्क-सीज भी किया जा सकता है। यूडी टैक्स 2700 वर्गफीट आवासीय, 900 वर्गफीट व्यावसायिक और 4500 वर्गफीट या इससे अधिक के औद्योगिक भूखंडों के मालिकों से लिया जाता है। खाली भूखंड पर भी यह कर लागू होता है। बकाया राशि जमा नहीं कराने वालों के मकान-दुकान को सीज कराने व कुर्की की कार्रवाई की जाती है। कोचिंग और शिक्षण संस्थान भी नगरीय कर के दायरे में आते हैं। कोचिंग संस्थाओं से तो व्यावसायिक एवं शिक्षण संस्थाओं से संस्थानिक दरों से यूडी टैक्स वसूला जाता है। कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स, सामुदायिक भवन भी टैक्स के दायरे में आते हैं।

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