संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार और एक्टर्स थिएटर एट राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 7वें राजरंगम् महोत्सव का शुक्रवार को दूसरा दिन रहा। रंगायन सभागार में नाटक ‘एन एनिमी ऑफ द पीपल’ का मंचन किया गया। नाटक की कहानी हेनरिक इबसेन द्वारा लिखी गई है, जिसका निर्देशन योगेंद्र सिंह ने किया। शनिवार को शाम 6:30 बजे संकेत जैन के निर्देशन में नाटक चित्रांगदा का मंचन होगा। मूल रूप से हेनरिक इबसेन द्वारा लिखित एक घंटे 50 मिनट का यह नाटक प्रसिद्ध कवि और लेखक नेमी चंद्र जैन के रूपांतरण पर आधारित है। यह एक यथार्थवादी नाटक है जो भ्रष्टाचार से एकल युद्ध छेड़ने वाले नायक की कहानी को बयां करती है। योगेन्द्र सिंह परमार द्वारा निर्देशित नाटक नायक डॉ.अभय कुमार के इर्द-गिर्द घूमता है। जो समाज और देश की भलाई के लिए समर्पित एक ईमानदार व्यक्ति है। भ्रष्टाचार से जंग की कहानी है एनिमी नाटक में दिखाया जाता है कि डॉ. अभय कुमार अपने इलाके में फैली महामारी पर जांच करते हुए पाते हैं कि शहर के मुख्य जलस्रोत का पानी दूषित है और बीमारियों का घर है। चमड़ा उद्योग से निकला गंदा पानी मिलने से यह पानी जहरीला बन गया है जिसे पीने से लोग बीमार पड़ने लगते हैं। चमड़ा उद्योग उनके ससुर का है जबकि शहर का मेयर निर्भय कुमार डॉ.अभय का भाई है, जो मामले को दबाना चाहता है लेकिन इसके बावजूद डॉ. अभय अन्य लोगों को इस बात से सचेत करते है। मेयर डॉ. अभय को अपना बयान वापस लेने को कहता है लेकिन डॉ.अभय अपनी जांच पर तटस्थ हैं जिससे दोनों भाईयों के संबंधों में खटास पड़ जाती है और जनहित को समर्पित डॉ. अभय को ही जनशत्रु घोषित कर राजनीति और मीडिया के दुष्चक्र में फंसा दिया जाता है। इसके बाद डॉ. अभय भ्रष्टाचार के खिलाफ एकल जंग छेड़ देते है। उन्हें शहर से निकालने की कोशिश भी की जाती है। ‘सबसे मजबूत इंसान वह है जो अकेला खड़ा होता है’ इसी सोच के साथ वह अपनी जंग जारी रखते हैं। महमूद अली, योगेन्द्र सिंह, आस्था शर्मा, साक्षी, भव्या, नरेन्द्र अरोड़ा, विनय सैनी, ऋतिक शर्मा, अंकित शर्मा, गौरव सोनी, प्रियांशु, ओम, अभिषेक, श्याम यादव, राहुल भाटी, दीक्षांक और साहिल ने विभिन्न किरदार निभाए। विमल मीणा ने संगीत संयोजन और देशराज गुर्जर ने प्रकाश संयोजन किया। आसिफ शेर अली खान, काजोल और असलम पठान ने क्रमश: मंच सज्जा, कॉस्ट्यूम और मेक अप संभाला।


