एबी रोड पर प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को लेकर गुरुवार को इंदौर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में एलिवेटेड कॉरिडोर को अव्यवहारिक बताते हुए इसके निर्माण की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। मामले की शीघ्र सुनवाई होने की संभावना है। यह जनहित याचिका शहर के वरिष्ठ सिविल इंजीनियर एवं सामाजिक कार्यकर्ता अतुल सेठ द्वारा दाखिल की गई है। याचिका में कहा गया है कि एलआईजी चौराहा से नवलखा तक करीब 6 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर से शहर की यातायात समस्या का प्रभावी समाधान संभव नहीं है। याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि लोक निर्माण विभाग के आग्रह पर वर्ष 2024 में कराए गए तकनीकी ट्रैफिक सर्वे में यह तथ्य सामने आया था कि एलिवेटेड कॉरिडोर से कुल यातायात का केवल लगभग 10% ही प्रभावित होगा, जबकि पीसीयू (Passenger Car Unit) के आधार पर इसकी दक्षता 1% से भी कम पाई गई थी। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि इसके बाद आईडीए द्वारा एबी रोड के नौ प्रमुख चौराहों पर फ्लाईओवर और अंडरपास निर्माण को लेकर अलग से व्यवहार्यता अध्ययन कराया गया था। इस अध्ययन में इन विकल्पों को अधिक प्रभावी, पर्यावरण-अनुकूल और यातायात सुधार के लिए उपयोगी बताया गया था। इसके बावजूद पुराने एलिवेटेड कॉरिडोर प्रस्ताव को आगे बढ़ाया जाना सार्वजनिक धन की बर्बादी है। याचिका में कोर्ट से मांग की गई है कि एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण पर रोक लगाई जाए और स्वतंत्र न्यायिक समिति गठित कर सभी तकनीकी रिपोर्टों का निष्पक्ष मूल्यांकन कराया जाए। साथ ही एबी रोड पर यातायात सुधार के लिए वैज्ञानिक और व्यवहारिक योजना लागू करने के निर्देश दिए जाएं।


