भास्कर न्यूज | अलवर शहर के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र एमआईए में ट्रांसफार्मर चोरी की घटनाओं ने उद्योगपतियों में आक्रोश है। बीते 15 दिनों में एमआईए क्षेत्र की 5 फैक्ट्रियों से ट्रांसफार्मर चोरी हो चुके हैं। चोरी गए ट्रांसफार्मरों की कीमत क्षमता के अनुसार 4 से 8 लाख रुपए के बीच है। अब तक करीब 30 लाख रुपए से अधिक का नुकसान उद्योगपतियों को उठाना पड़ा है। चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि मत्स्य उद्योग संघ के सचिव विनोद कुमार शर्मा की गौरव केमिकल फैक्ट्री से भी ट्रांसफार्मर चोरी कर लिया गया। इससे साफ है कि चोर किसी भी फैक्ट्री को निशाना बनाने से नहीं हिचक रहे हैं। उद्योगपतियों का मानना है कि यह किसी संगठित गिरोह की करतूत हो सकती है, जो योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम दे रहा है। सर्दी के मौसम में फैक्ट्रियों में तैनात श्रमिक रात के समय सो जाते हैं। इसी दौरान चोर ट्रांसफार्मरों को खोलकर तांबे की क्वायल और अन्य कीमती सामान निकाल लेते हैं और फरार हो जाते हैं। सुबह जब फैक्ट्रियां शुरू होती हैं और मशीनें नहीं चलतीं, तब बिजली आपूर्ति की जांच करने पर चोरी का पता चलता है। पिछले 15 दिनों में एचबी मार्बल प्रा. लि., संमति मार्बल प्राइवेट लिमिटेड, गौरव केमिकल, एसबी इंडस्ट्रीज और एग्रो फूड पार्क की फैक्ट्रियों से ट्रांसफार्मर चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। एमआईए की मार्बल फैक्ट्री से चोरी हुआ ट्रांसफार्मर, खाली पड़ा चबूतरा। ट्रांसफार्मर चोरी होने से फैक्ट्रियों की बिजली सप्लाई बंद हो जाती है। इससे उत्पादन कार्य पूरी तरह ठप हो जाता है। उद्योग संचालकों का कहना है कि इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। कई फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों को भी बिना काम के लौटना पड़ रहा है। ये ट्रांसफार्मर फैक्ट्री संचालकों द्वारा स्वयं के खर्च पर लगाए गए थे। चोरी के बाद इन्हें दोबारा लगवाना पड़ता है, जिससे उद्योगपतियों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है। सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, गश्त न के बराबर : मत्स्य उद्योग संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि ट्रांसफार्मर चोरी की रिपोर्ट एमआईए थाने में दर्ज कराई गई है, लेकिन अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि एमआईए क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर है। रात के समय पुलिस गश्त लगभग न के बराबर होती है, जिसका फायदा चोर उठा रहे हैं। इससे पहले भी एमआईए क्षेत्र में केबल और बिजली उपकरण चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने से चोरों के हौसले और बढ़ते जा रहे हैं। जयपुर डिस्कॉम के एईएन अर्पित कुमार शर्मा ने बताया कि एक माह पहले एमआईए क्षेत्र में डिस्कॉम के ट्रांसफार्मर भी चोरी हो चुके हैं। इस तरह की दो-तीन वारदातों की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अब चोर फैक्ट्रियों के भीतर लगे निजी ट्रांसफार्मरों को भी निशाना बना रहे हैं। पुलिस बोली- जल्द खुलासा करेंगे एमआईए थाना प्रभारी भूपेंद्र चौधरी ने बताया कि अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। कुछ संदिग्धों को डिटेन कर पूछताछ की जा रही है। साथ ही सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।


