भागीरथपुरा में दूषित जल से बीमारी फैलने की गंभीर घटना के बाद नगर निगम पानी वितरण व सीवरेज व्यवस्था सुधारने पर जोर दे रहा है। शुक्रवार को महापौर परिषद की बैठक में इस संबंध में अहम निर्णय लिए गए। पानी की शुद्धता जांच के लिए लैब में केमिस्ट भर्ती की जाएगी। जलप्रदाय और सीवरेज नेटवर्क को बढ़ाने के लिए अमृत-2 पर नगर निगम 1530 करोड़ रुपए का लोन लेगा। कुत्तों के रखने व पालन पोषण के लिए योजना व मेट्रो स्टेशन के लिए शिवाजी मार्केट पार्किंग की बिल्डिंग तोड़ने का प्रस्ताव व 60 करोड़ से ज्यादा के निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए। सराफा पर तय हुआ कि यहां चौपाटी में 69 दुकानें ही रहेंगी। बाकी दुकानों के लिए जांच के बाद निर्णय लेंगे। 40 नई टंकियों का निर्माण करेंगे बैठक में तय हुआ कि अमृत-2 योजना में पानी व सीवरेज व्यवस्था के नेटवर्क व इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाएंगे। यह 50 साल तक पानी की आपूर्ति के लिए पर्याप्त होगी। जलूद में नया इंटेकवेल, मुख्य लाइनें, वितरण पाइप, 40 नई टंकियां बनाएंगे। विकसित हो रहे शहर में नया नेटवर्क डालेंगे। 550 किमी से ज्यादा पुरानी लाइनों को भी बदला जाएगा। यह योजना 2400 करोड़ की है। अध्यक्षता महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने की। बैठक में निगमायुक्त क्षितिज सिंघल, एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौर, राजेश उदावत, निरंजनसिंह चौहान, अश्विनी शुक्ल, अभिषेक शर्मा, नंदकिशोर पहाड़िया, राकेश जैन, मनीष शर्मा मामा व प्रिया डांगी मौजूद रहे। सौंदर्यीकरण के लिए रोटरी बनाएंगे, ग्रीन बेल्ट सुधारेंगे


