जानिए, कौन लोग हैं अपात्र, इन्हें 31 दिसंबर तक स्वेच्छा से नाम कटवाने का मौका विभागीय जानकारी के अनुसार एक लाख से अधिक वार्षिक पारिवारिक आय एवं परिवार में किसी सदस्य के पास चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर एवं एक वाणिज्यिक वाहन जो जीविकोपार्जन में प्रयोग आता हो को छोड़कर), आयकरदाता, चौपहिया वाहन धारक, सरकारी कर्मचारी, अर्द्ध सरकारी कर्मचारी, स्वायत्त संस्थाओं में कर्मचारी, अधिकारी आदि योजना में पात्र नहीं है। ये सक्षम व्यक्ति अपने क्षेत्र के राशन दुकानदार के पास जाकर 31 दिसंबर तक निर्धारित फॉर्म भरकर योजना से अपना नाम हटवा सकते हैं। भास्कर संवाददाता| हनुमानगढ़ गिव अप अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा योजना को लेकर एक गाइडलाइन जारी की गई थी। इसके अनुसार रबी सीजन 2024-25 में समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 100 क्विंटल से अधिक गेहूं बेचने वाले किसान परिवार अब खाद्य सुरक्षा योजना के पात्र नहीं माने जाएंगे। बता दें कि हमारे जिले में ऐसे 2949 किसान है, जिनकी सूची मुख्यालय द्वारा जिला रसद विभाग को उपलब्ध करवाई गई है। इसी कड़ी में जिला रसद विभाग ने ऐसे लाभार्थियों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार एमएसपी पर गेहूं विक्रय के आंकड़ों का मिलान खाद्य सुरक्षा योजना की लाभार्थी सूची से किया जा रहा है। जिन परिवारों द्वारा 100 क्विंटल से अधिक गेहूं बेचा गया है, उन्हें अपात्र मानते हुए उनके नाम हटाने की कार्रवाई की जा रही है। विदित रहे कि रसद विभाग ने प्रधानमंत्री सम्मान निधि लेने वाले प्रदेश के 63.85 लाख किसानों के जमीन रिकॉर्ड की जांच कराई है। इसमें खाद्य सुरक्षा में शामिल 1.32 लाख किसानों के पास तय सीमा से ज्यादा जमीन होने का पता चला है।


