भास्कर न्यूज | राजसमंद केंद्र सरकार ने रबी विपणन सत्र 2026-27 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी कर किसानों को बड़ी राहत दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में यह अहम फैसला लिया। जारी आदेश में एमएसपी में यह बढ़ोतरी विशेष रूप से राजसमंद जिले के किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी, क्योंकि जिले में गेंहू, चना और सरसों का सबसे बड़ा रकबा है। नए आदेश के मुताबिक गेहूं का एमएसपी 160 रुपए बढ़ाकर 2,585 रुपए प्रति क्विंटल, चने का 225 रुपए बढ़ाकर 5,875 रुपए और सरसों का 250 रुपए बढ़ाकर 6,200 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है। इन दरों में हुई बढ़ोतरी से जिले के करीब 25 हजार से अधिक किसानों को क्रमशः 109 प्रतिशत, 59 प्रतिशत और 93 प्रतिशत का आर्थिक लाभ मिलेगा। राजसमंद का कृषि परिदृश्य देखें तो जिले में लगभग 40 हजार हेक्टेयर में गेहूं, 30 हजार हेक्टेयर में चना और 5 हजार हेक्टेयर में सरसों की बुवाई होती है। यह तीनों फसलें जिले की रबी पैदावार का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा हैं। इसलिए एमएसपी में हुई यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर किसानों की आय में स्थायित्व लाएगी और उन्हें बेहतर उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करेगी। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि एमएसपी में यह बढ़ोतरी न केवल किसानों की आय में सुधार लाएगी, बल्कि अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में फसल विविधता और उत्पादन स्थिरता भी बढ़ाएगी। रबी की तैयारी शुरू हो चुकी है, ऐसे में सरकार का यह कदम किसानों के लिए समय पर राहत साबित होगा। खरीफ सीजन में बारिश की कमी और फसल खराबी से किसान परेशान थे, लेकिन अब रबी सीजन में एमएसपी बढ़ोतरी से उम्मीद जगी है। बढ़ी हुई दरें अच्छी हैं, लेकिन राज्य सरकार को चाहिए कि खरीद व्यवस्था को गांवों के छोटे केंद्रों तक सुचारू रूप से पहुंचाए। यदि खरीद प्रक्रिया ग्रामीण स्तर तक नहीं पहुंची, तो किसानों को एमएसपी का पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा। भरत पालीवाल, प्रांतीय सदस्य, किसान संघ


