मध्यप्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) की वार्षिक साधारण सभा की बैठक रविवार को हुई। होलकर स्टेडियम में बैठक में ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे और ग्वालियर संगठन के उपाध्यक्ष महानआर्यमन सिंधिया शामिल हुए। मुख्य मुद्दा बाहरी खिलाड़ियों का रहा। प्रदेश के खिलाड़ियों को अपने ही राज्य की टीम में पर्याप्त अवसर दिलाने के लिए अब पूर्व खिलाड़ी मुखर होने लगे हैं। प्रबंधन गेस्ट प्लेयर को खिलाने के फैसले पर अडिग रहा। पूर्व खिलाड़ी सुनील लाहोरे और मप्र टीम के पूर्व कोच मुकेश साहनी सहित कई सदस्यों ने बाहरी खिलाड़ियों को मप्र टीम में मौका देने पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि बाहरी खिलाड़ियों को मप्र टीम में मौका दिया जाएगा तो प्रदेश के खिलाड़ियों का क्या होगा। सदस्यों के इस सवाल पर एमपीसीए सचिव संजीव राव ने कहा कि डिविजन लेवल पर भी एक शहर का खिलाड़ी दूसरे शहर की टीम से खेलता है। यदि स्टेट लेवल पर नियम बदला जाएगा तो इसे डिविजन लेवल पर भी बदलना होगा। अब तक प्रदेश के 21 खिलाड़ियों को बीसीसीआई के सीनियर लेवल टूर्नामेंट में मौका दिया गया है। उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं होने पर उन्हें दोबारा मौका नहीं दिया और उनकी जगह गेस्ट प्लेयर को शामिल किया गया। गेस्ट प्लेयर को टीम में शामिल करने का फैसला सीजन के पहले कोच और सिलेक्टर्स मिलकर लेते हैं। उसी आधार पर टीम का प्रारूप तैयार किया जाता है। फिलहाल गेस्ट प्लेयर को खिलाने की प्रक्रिया जारी रहेगी। संभाग स्तर पर लागू होंगी लोढ़ा कमेटी की सिफारिश
लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को संभागीय स्तर पर लागू किया जाएगा। इसके लिए कमेटी गठित की जाएगी। साथ ही आपस में बैठकर सिफारिशों को लागू करने का प्रारूप तैयार किया जाएगा। वहीं एमपीसीए ने अपने वार्षिक बजट में 83 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इसमें क्रिकेट गतिविधियां व अन्य चीजें शामिल रहेंगी। एमपीएल में नए खिलाड़ियों को मौका मिलेगा
मप्र क्रिकेट लीग के चेयरमैन महानआर्यमन सिंधिया ने बताया कि मप्र क्रिकेट लीग में नए खिलाड़ियों को मौका दिया जाएगा। कई प्लेयर हैं, जो लीग में खेलना चाहते हैं। हमने योजना बनाई है कि हर संभाग के दो खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। फ्रेंचाइजी उन्हें पूरे साल तैयार करेगी और अपनी टीम से खेलने का मौका देगी।


