विदिशा जिला न्यायालय परिसर में आज ई-सेवा केंद्र का शुभारंभ किया गया। इसका उद्घाटन मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति और विदिशा जिले के पोर्टफोलियो जज आनंद सिंह बहरावत ने किया। यह केंद्र न्यायिक सेवाओं को सरल, पारदर्शी और आमजन के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। न्यायमूर्ति बहरावत ने बताया कि ई-सेवा केंद्र के माध्यम से पक्षकारों और अधिवक्ताओं को अब अपने प्रकरण की स्थिति, अगली सुनवाई की तिथि, संबंधित न्यायालय की जानकारी, न्यायाधीशों के अवकाश, आदेशों की स्थिति और वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़ी प्रक्रिया जैसी सभी न्यायिक सेवाएं एक ही स्थान पर मिलेंगी। इससे न्यायालय आने वाले नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी और न्यायिक प्रक्रिया सुगम बनेगी। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेख सलीम ने जानकारी दी कि यह ई-सेवा केंद्र उच्च न्यायालय के निर्देश पर स्थापित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य न्यायालय परिसर में आने वाले पक्षकारों और अधिवक्ताओं को त्वरित, सटीक और पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि इससे न्यायालय का कार्यभार भी कम होगा और न्याय व्यवस्था में आमजन का विश्वास मजबूत होगा। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेख सलीम, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय आशुतोष मिश्र, विशेष न्यायाधीश जी.सी. शर्मा सहित जिले के सभी न्यायाधीशगण उपस्थित रहे। इनके अलावा, अभिभाषक संघ जबलपुर के अध्यक्ष ज्ञानसिंह जैन, विदिशा अभिभाषक संघ के अध्यक्ष संतोष शर्मा, बड़ी संख्या में अधिवक्ता और न्यायालय के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद थे। कार्यक्रम के समापन के बाद न्यायाधीशों, अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं और न्यायालय कर्मचारियों ने परिसर में वृक्षारोपण किया। इस दौरान न्यायिक सुधारों के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। ई-सेवा केंद्र की यह शुरुआत न्यायिक व्यवस्था के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे विदिशा जिले के हजारों पक्षकारों को सीधा लाभ मिलेगा।


