मध्य प्रदेश कैबिनेट ने ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन की स्थापना को मंजूरी दे दी है। बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। इन स्टेशनों की स्थापना पूरे प्रदेश में की जाएगी, जिससे किसानों को, विशेषकर उद्यानिकी फसलें उगाने वालों को लाभ मिलेगा। विधायक चिटनिस ने बताया कि कैबिनेट की मंजूरी के बाद जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। इन वेदर स्टेशनों से भारत सरकार के उन मापदंडों की पूर्ति होगी, जिनके कारण पहले उद्यानिकी फसलों का बीमा कराने में किसानों को दिक्कतें आती थीं। अब ये बाधाएं दूर हो जाएंगी। केला किसानों को भी इससे विशेष लाभ
उन्होंने मुख्यमंत्री और कृषि अधिकारियों से चर्चा कर आग्रह किया है कि वेदर स्टेशनों के टेंडर और बीमा कंपनियों के टेंडर एक साथ कराए जाएं। मध्य प्रदेश में लगभग 25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में उद्यानिकी फसलें उगाई जाती हैं। बुरहानपुर के केला किसानों को भी इससे विशेष लाभ होगा, क्योंकि उन्हें आरबीसी नियम 6-4 की निर्भरता से मुक्ति मिलेगी। ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन अत्यधिक तकनीकी उपकरण हैं, जो आंधी, तूफान, तापमान में वृद्धि या कमी जैसी मौसम संबंधी घटनाओं का सटीक डेटा प्रदान करेंगे। इससे मौसम आधारित बीमा दावों का निपटारा आसान होगा। प्रदेशभर के किसानों को उद्यानिकी फसलों के बीमा से लाभ मिलेगा और पटवारी की रिपोर्ट पर निर्भरता भी समाप्त होगी।


