एमपी में घना कोहरा, भोपाल–इंदौर आने वाली दर्जनभर ट्रेनें लेट:खजुराहो सबसे ठंडा, ग्वालियर में भी पारा 5 डिग्री तक लुढ़का

मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर शुक्रवार को साफ तौर पर देखने को मिला। सुबह कोहरे की वजह से दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं। सबसे ज्यादा असर मालवा एक्सप्रेस पर पड़ा है, जो करीब साढ़े 6 घंटे लेट चल रही है। आमतौर पर सुबह 7.25 बजे भोपाल पहुंचने वाली यह ट्रेन शुक्रवार को दोपहर करीब 2 बजे तक आने की संभावना है। इसके अलावा पंजाब मेल, जनशताब्दी और सचखंड एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों की रफ्तार भी कोहरे ने थाम दी है। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात छतरपुर जिले का खजुराहो प्रदेश में सबसे ठंडा दर्ज किया गया, जहां न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस रहा। दतिया में पारा 3.9 डिग्री, शिवपुरी में 4 डिग्री और राजगढ़ में 5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री, मंडला में 5.9 डिग्री, रीवा में 6 डिग्री, उमरिया में 6.4 डिग्री और सीधी व टीकमगढ़ में 6.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। देखिए विजुअल बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा
बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले गुरुवार को यहां दिन का तापमान 10.4 डिग्री रहा था। राजधानी भोपाल में रात का तापमान 8 डिग्री, इंदौर में 9.4 डिग्री, उज्जैन में 8.3 डिग्री और जबलपुर में 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल ठंड और कोहरे से राहत के आसार कम हैं। आने वाले दिनों में भी सुबह-शाम कोहरा छाए रहने और तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होने की संभावना है, जिससे रेल और सड़क यातायात पर असर बना रह सकता है। मुरैना में आठवीं तक के बच्चों की आज और कल छुट्‌टी
वहीं मुरैना में रात का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूरे जिले में घना कोहरा छाया हुआ है और कंपकंपाने वाली सर्दी लोगों को परेशान कर रही है। हालात को देखते हुए कलेक्टर ने 9 और 10 जनवरी तक कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी हैं। इस बार कड़ाके की ठंड का दौर
इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है। ठंड के लिए इसलिए खास जनवरी
मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड… भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्प्रेचर
भोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का एहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 में हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पारा
इंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 में पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया गया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था।
24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पारा
जबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडा
उत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पारा
उज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्प्रेचर 2 से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी। लाइव ब्लॉग के मिनट टु मिनट अपडेट के लिए यहां से गुजर जाइए…

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