एमपी में नेताओं ने मंडल अध्यक्ष बनने बताई कम उम्र:बीजेपी को निरस्त करने पडे़ 19 मंडलों के चुनाव, प्रदेश भर से 100 शिकायतें पहुंचीं

बीजेपी के संगठन चुनाव चल रहे हैं। 1 से 15 दिसंबर तक 1300 मंडलों में अध्यक्षों और जिला प्रतिनिधियों का चुनाव होना था। बीजेपी के संगठनात्मक रूप से मध्यप्रदेश में 60 जिले हैं, इनमें मंडल अध्यक्षों के चुनाव को लेकर चुनाव समिति के पास करीब 100 शिकायतें पहुंची हैं। प्रदेश संगठन चुनाव की अपीलीय समिति ने इन शिकायतों की छानबीन कर ली है। सोमवार को शिकायतों पर फैसला हो सकता है। डेढ़ दर्जन ऐसे मंडल हैं जहां पर अध्यक्ष बनने के लिए पदाधिकारियों ने खुद की उम्र घटाकर बताई है। शिकायत मिलने के बाद 18 मंडलों के तो पार्टी ने आधिकारिक तौर पर चुनाव ही निरस्त कर दिए हैं। इन मंडलों में नव निर्वाचित अध्यक्षों ने अपनी उम्र कम बताई थी। मंडल अध्यक्ष के लिए तय थे ये क्राइटेरिया बीजेपी ने मंडल अध्यक्षों के लिए 45 साल से कम उम्र का क्राइटेरिया तय किया था। इसके अलावा ऐसे कार्यकर्ताओं को मंडल अध्यक्ष नहीं बनाए जाने के निर्देश थे, जिनका आपराधिक रिकाॅर्ड है। जिन्होंने पार्टी के खिलाफ काम किया है, या जिन कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बयानबाजी की है। अब जानिए कहां-क्या शिकायत हुई भाजपा के पपौंध मंडल में वरिष्ठ नेता संतोष मिश्रा ने कहा- भाजपा संगठन अपनी ही नीतियों से पलट गया। चुनाव घोषणा के पूर्व पार्टी ने कहा था कि विधायक, सांसद समेत वर्तमान जिलाध्यक्ष के चहेतों को दोबारा मंडल अध्यक्ष नहीं बनाया जाए, लेकिन इसके विपरीत कार्य किया है। मंडल अध्यक्ष रिपीट करके दर्जनों कार्यकर्ताओं के साथ गलत किया है। 45 उम्र की गाइडलाइन का पालन नहीं किया धार : मनावर विधानसभा के ग्रामीण मंडल सिंघाना के कार्यकर्ता नीलेश पाटीदार ने बताया कि मनावर, सिंघाना, उमरबन में पार्टी ने 45 उम्र की गाइडलाइन का पालन नहीं किया है। यहां अध्यक्षों की नियुक्तियों में आयु सीमा ज्यादा होने के कारण जिला चुनाव प्रभारी रामेश्वर शर्मा से चुनाव निरस्त करने की मांग को लेकर पत्र सौंपा है। पूर्व भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष अभय कनेल ने कहा- वर्तमान में जिन्हें पद दिए गए हैं। सभी की उम्र 45 वर्ष से अधिक हैं। हमने सभी की समग्र आईडी में अंकित जन्म तारीख भी सबूत के तौर भी दी है। जिस तरह जिले के सादलपुर में अधिक उम्र को लेकर नियुक्ति रोकी गई है। वैसे ही हमारे यहां की नियुक्ति रोकी जाए। सिवनी : अध्यक्ष नहीं बदला तो 42 बूथ अध्यक्ष देंगे इस्तीफा केदारपुर मंडल के महामंत्री अजय सिंह मरावी ने कहा- वर्तमान में लोकू सिंह मरकाम नव निर्वाचित मंडल अध्यक्ष बने हैं। हमारी 61 सदस्यीय कार्यकारिणी में उनका कहीं नाम नहीं था। इसके अलावा, जिला कार्यकारिणी में भी उनका नाम नहीं था। अभी जो घंसौर जनपद पंचायत में गोंडवाना या कांग्रेस के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष हैं, उनमें सामान्य प्रशासन विभाग के ये सभापति हैं। मैंने तो वहां अपनी बात भी रखी है, और यदि विश्वास नहीं है तो कलेक्टर साहब को फोन लगाकर भी पूछ लीजिए कि यह सामान्य प्रशासन में हैं या नहीं? ये सत्य या असत्य है। हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे। हमारे 52 बूथ हैं, जिनमें से 42 बूथ अध्यक्ष हमारे साथ हैं। कुछ कारणों से अब भी कुछ लोग नहीं आए हैं, बाकी 42 हमारे साथ हैं। यदि पार्टी अपना निर्णय नहीं बदलेगी, तो हम सभी कार्यकर्ता सामूहिक रूप से प्रदेश कार्यालय में इस्तीफा देकर जाएंगे और हम भाजपा के झंडे तले जीवन भर काम नहीं करेंगे। दिन में जुलूस निकाला, रात में नियुक्ति रद्द सिवनी जिले के बंडोल के नवनिर्वाचित मंडल अध्यक्ष बने पुरुषोत्तम वघेल प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे। पुरुषोत्तम ने कहा- सिवनी विधानसभा से सुबह हमारी नियुक्ति की गई। हमें पता चला कि हम मंडल अध्यक्ष बने हैं। दिन में हमें नेताओं से मिलना था, जुलूस निकलना था। खुशी के माहौल में गांव में जुलूस निकाला गया और रात के 11 बजे एक विज्ञप्ति जारी की गई कि आपका इस पद पर निर्वाचन निरस्त किया जा रहा है। हम यह जानना चाह रहे हैं कि नियुक्ति किस कारण निरस्त की गई। जबकि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से संवैधानिक थी और मापदंडों के अनुसार ही पूरी प्रक्रिया की गई थी। प्रक्रिया करने के बाद फिर हमें निरस्त किया गया, तो किस कारण से किया है। हम यह जिला या प्रदेश संगठन से पूछना चाह रहे हैं। हमने तीन दिन पहले जाकर आपत्ति दर्ज कराई थी, उसके बाद हमें कहा गया कि यथावत निराकरण होगा और जो सही है, उसका निर्णय सही होगा। ग्वालियर में भाजपा कार्यालय में किया हंगामा ग्वालियर में रविवार को भाजपा कार्यालय पर हंगामा हो गया। स्वामी विवेकानंद मंडल के घोषित अध्यक्ष नर सिंह राठौर का नाम संशोधित कर अमर कुंटे को अध्यक्ष बना दिया गया। इसके विरोध में राठौर समाज ने पार्टी कार्यालय का घेराव कर दिया। भाजपा के जिलाध्यक्ष अभय चौधरी ने लोगों को समझाइश देकर उनकी मांग प्रदेश अध्यक्ष तक पहुंचाने का वादा किया है। राठौर समाज के स्थानीय अध्यक्ष रामकिशन राठौर ने कहा कि नरसिंह राठौर को मंडल अध्यक्ष बनने के बाद गलत तरीके से हटाया गया है। जबकि संख्या बल के हिसाब से राठौर समाज को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। कांग्रेसी होने का आरोप लगाकर नियुक्त कर दी निरस्त सिवनी के उत्तर मंडल के अध्यक्ष बने विष्णु चौरसिया ने बताया- मेरी सुबह 8 बजे मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति हुई और रात के 11 बजे निरस्त कर दी गई। विधायक जी का कहना है कि हम कांग्रेसी हैं। उन्होंने हाईकमान से मेरी शिकायत की है, जबकि यह बिल्कुल गलत है। मैं 20 सालों से भाजपा में हूं, मेरा पूरा परिवार भाजपा में है। 2004 में मेरे चाचा को अशोक वार्ड से पार्षद का टिकट मिला था, और वह चुनाव जीतकर आए थे। वह पूरा मुस्लिम वार्ड था, फिर भी हम संघर्ष करके जीते। 2008 में मेरे चाचा जिला मंत्री बने, और अब हम पर आरोप लगाया जा रहा है कि हम कांग्रेसी हैं। विधायक ने निरस्त करवा दी नियुक्ति सिवनी जिले के बीजा देवरी मंडल के अध्यक्ष बने मोहन डेहरिया के पिता चमरा लाल डेहरिया भोपाल प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे। उन्होंने मीडिया से कहा- मेरे बेटे को संगठन ने मंडल अध्यक्ष बनाया था। विधायक मुनमुन राय ने नियुक्ति निरस्त करा दी। विधायक जी तो अभी दो साल पहले ही बीजेपी में आए हैं। हम प्रदेश अध्यक्ष जी से मिलने आए हैं कि जिनको संगठन ने नियुक्त किया उनको विधायक ने निरस्त करा दिया। हमारा विधायक संगठन में फूट डाल रहा है। वो चाहते हैं कि उनके व्यक्ति को अध्यक्ष बनना चाहिए। वो पहले निर्दलीय थे फिर बीजेपी में आए तो उनके आदमी अलग हैं। वो चाहते हैं कि उनके आदमी बनें। हम भी कहते हैं कि उनके लोग बन जाएं। लेकिन, हमारा अपमान नहीं करना था। नियुक्ति करवा के निरस्त नहीं करवाना था। कांग्रेस का प्रचार करने वालों को बना दिया मंडल अध्यक्ष
निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर मंडल से आए बंशीलाल रजक ने कहा- जिन्होंने कांग्रेस का काम किया, उन्हें भाजपा प्रदेश नेतृत्व जिला अध्यक्ष बनाने की सोच रहा है। इसमें गणेशी नायक और भी उनके कई अन्य सहयोगी हैं, जैसे ओमप्रकाश रावत, जिन्होंने कांग्रेस का काम किया और भाजपा के लोगों को हराया। फिर भी 75% कांग्रेसियों को मंडल अध्यक्ष बना दिया गया, जो उन्हीं के लोग हैं। कोई उनका बेटा है कोई ड्राइवर, कोई गनमैन है। चुनाव में विवाद को लेकर प्रदेश चुनाव अधिकारी विवेक शेजवलकर से सीधी बात.. यह खबर भी पढ़ें- 60 पार नेता नहीं बन पाएंगे BJP जिलाध्यक्ष मध्यप्रदेश में बीजेपी बूथ समितियों के चुनाव चल रहे हैं। अगले महीने दिसंबर में मंडल अध्यक्ष और जिलाध्यक्षों के चुनाव होंगे। पहले पखवाडे़ में एक से 15 दिसंबर तक मंडल अध्यक्षों के चुनाव होंगे। 16 से 30 दिसंबर तक जिला अध्यक्षाें के चुनाव की प्रक्रिया पूरी होगी। पूरी खबर यहां पढ़ें-

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