एमपी-राजस्थान ईस्टर्न कैनाल प्रोजेक्ट से मिले उद्योगों को पानी

भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा जिले का अधिकांश क्षेत्र डार्क जोन में होने से लंबे समय से कोई नया प्रोसेसिंग, डाइंग, डेनिम अथवा अन्य जल आधारित उद्योग स्थापित नहीं हो पा रहा है। ऐसे में यदि भीलवाड़ा को मध्यप्रदेश व राजस्थान के ईस्टर्न कैनाल प्रोजेक्ट से जोड़ा जाता है, तो न केवल जल संकट का समाधान होगा बल्कि डेनिम एवं अन्य टेक्सटाइल उद्योगों को नई ऊर्जा मिलेगी। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। भीलवाड़ा, अहमदाबाद के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा डेनिम फैब्रिक निर्माण केंद्र है। यहां हर साल करीब 50 करोड़ मीटर डेनिम फैब्रिक का उत्पादन होता है, जिसमें से 50 प्रतिशत से अधिक निर्यात मध्य एवं दक्षिण अमेरिकी देशों जैसे मैक्सिको, ग्वाटेमाला, कोलंबिया, वेनेजुएला, इक्वाडोर, पेरू, ब्राजील और अर्जेंटीना सहित अन्य देशों में किया जाता है। मेवाड़ चैंबर के मानद महासचिव आरके जैन के अनुसार, पिछले साल मध्यप्रदेश और राजस्थान की नदियों को जोड़ने के लिए ईस्टर्न कैनाल प्रोजेक्ट के तहत एमओयू किया गया। मेवाड़ चैंबर ने सरकार को भेजा प्रतिवेदन मेवाड़ चैंबर ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि ईस्टर्न कैनाल प्रोजेक्ट की प्रस्तावित योजना में भीलवाड़ा जिले को शामिल करने पर गंभीरता से विचार किया जाए, जिससे टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा का भविष्य सुरक्षित और सशक्त बन सके।

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