25वें दिन अस्पताल से डिस्चार्ज होकर नारकोटिक्स विभाग के अधिकारी का ड्राइवर ओम प्रकाश बिश्नोई एसपी के पास गुहार लेकर पहुंचा। आरोप लगाया कि पुलिस ने उसके साथ हुई मारपीट के मामले में ढिलाई बरती है। उसका किडनैप कर ले जाने वाले तस्करों पर कमजोर धाराओं में मामला दर्ज किया है। ड्राइवर एम्बुलेंस में ही एसपी ऑफिस पहुंचा था। एम्बुलेंस में लेटे-लेटे ही अपने साथी के हाथों एसपी ऑफिस में ज्ञापन भिजवाया। इसमें लिखा- मामले की जांच चितलवाना-सांचौर के बाहर के अधिकारी से करवाई जाए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को नजरअंदाज कर सामान्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को बचाने का प्रयास किया है। मामला सोमवार का जालोर के एसपी ऑफिस का है। स्कॉर्पियो में उठा कर ले गए थे तस्कर मामला इसी साल का 8 जनवरी का था। डोडा पोस्त की गाड़ी पकड़वाने के शक में बदमाशों ने एमपी के नीमच में नारकोटिक्स विभाग के अधिकारी के ड्राइवर ओमप्रकाश का अपहरण कर लिया था। बदमाशों ने ड्राइवर को जबरन अपनी कार में बैठाया और मारपीट कर पैर तोड़ दिए। एक घंटे बाद ड्राइवर 45 किलोमीटर दूर हाईवे किनारे पड़ा मिला था। घटना जालोर जिले के चितलावना थाना क्षेत्र के सिंवाड़ा गांव में हुई थी। इसके बाद ओमप्रकाश को गुड़ामालानी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां से सोमवार को छुट्टी मिलने के बाद वह सीधे एसपी ऑफिस पहुंचे। कमजोर धारा में मामला दर्ज करने का आरोप ओमप्रकाश ने बताया- पुलिस ने लूट, अपहरण और गंभीर चोटों जैसी धाराएं हटाकर कमजोर धाराओं में मामला दर्ज किया। साथ ही कई आरोपी अब भी फरार हैं और वाहन जब्त नहीं किए गए। पीड़ित ने निष्पक्ष जांच के लिए उच्च अधिकारियों से मामले को अन्य थाने अथवा स्वतंत्र अधिकारी को सौंपने की मांग की है। यह खबर भी पढ़े… नशा तस्करों ने नारकोटिक्स विभाग के ड्राइवर का किडनैप किया,VIDEO:डंडे से पीट-पीटकर पांव तोड़े, बोले-तुमने हमारी गाड़ी पकड़वाई है, 45 किलोमीटर दूर पटककर भागे


