शहर में सड़क से लेकर एयरपोर्ट तक पार्किंग को लेकर समस्या बरकरार है। जहां एयरपोर्ट पर फ्री पार्किंग को लेकर यात्रियों और पार्किंग संचालक के बीच किचकिच कम होने का नाम नहीं ले रही है। वहीं शहर में निगम द्वारा सड़क किनारे बनाई गई पार्किंग में भी 10 मिनट की फ्री पार्किंग का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। एयरपोर्ट प्रबंधन ने 9 मिनट की फ्री पार्किंग की सुविधा तो दी है, लेकिन बड़ी मुश्किल से ही चालक अपनी गाड़ी को 9 मिनट में एक्जिट और इंट्री गेट के बीच की दूरी 500 मीटर को पार कर पाते हैं। भास्कर रिपोर्टर ने पड़ताल की दोपहर 1.57 बजे कार ने एयरपोर्ट के इंट्री गेट से प्रवेश किया। इसे एक्जिट गेट तक पहुंचने में 2.13 बज गए। यानी 500 मीटर की दूरी तय करने में 16 मिनट लग गए। चालकों ने कहा कि एक्जिट करने में 10 मिनट से ज्यादा लग जाता है, 30 रुपए देने ही होते हैं। कॉमर्शियल वाहन के लिए फ्री पार्किंग नहीं है। उन्हें 116 रुपए देना पड़ता है। समय लगने का मुख्य कारण था टर्मिनल के सामने जो लोग अपनी गाड़ियों से परिजनों को लेने आए थे, वे 5 मिनट से ज्यादा का समय ले रहे थे। वहीं, एक्जिट के समय गाड़ियों की कतार बहुत लंबी हो जाती है और पार्किंग वाले भी गाड़ियां छोड़ने में देरी करते हैं। फ्री पार्किंग पर भास्कर के दो रिपोर्टर ने एयरपोर्ट और शहर में रोड किनारे बनी पार्किंग की पड़ताल की… समय नहीं लिखते, क्योंकि 10 मिनट में कोई नहीं लौटता मेन रोड में भी दो पहिया वाहन पार्क करने पर तुरंत टोकन तो दे दिया। जब रिपोर्टर ने पूछा कि समय क्यों नहीं लिखते हो, जबकि 10 मिनट की पार्किंग फ्री है। कहा कि कोई भी ग्राहक 10 मिनट के अंदर नहीं आता। एक साथ दो-तीन प्लाइट आई तो जाम तय पार्किंग संचालक पवन मिश्रा ने कहा कि ज्यादातर समय गाड़ियां 4 से 5 मिनट में ही एक्जिट कर जाती है, लेकिन जब एक साथ 2 से 3 विमान आ जाते हैं तो जाम ज्यादा लग जाता है। टर्मिनल के सामने भी गाड़ियों की कतारें लग जाती हैं। फ्री लेन में ऑटो व बाइक वाले भी घुस जाते हैं एयरपोर्ट डायरेक्टर आरआर मौर्या ने कहा कि एक साथ कई विमान आने पर थोड़ी दिक्कत होती है। एयरपोर्ट टर्मिनल तक ऑटो आ जाते हैं, बाइक वाले भी फ्री पार्किंग एक्जिट के रास्ते से ही निकलना चाहते हैं। जिससे जाम बढ़ता है। चालकों ने कहा… एयरपोर्ट टर्मिनल तक पहुंचने में ही 7 मिनट लगते हैं 1. वाहन चालक सुनील कुमार ने कहा कि प्लेन आने के बाद गाड़ियों की लंबी कतारें लग जाती हैं, ऑटो भी टर्मिनल में प्रवेश करते हैं। परिजनों की गाड़ियां एयरपोर्ट आती हैं, वे बाहर ही खड़ी रहती हैं, जब पैसेंजर लैंड करते हैं तब सभी गाड़ियां एक साथ इंट्री करने इंट्री गेट पर पहुंच जाती हैं। टर्मिनल तक पहुंचने में ही 5 से 7 मिनट लग जाते हैं। वाहन लगाते वक्त टोकन पर नहीं लिखते समय, 10 मिनट से पहले आए तो भी 10 रु. शहर की अधिकतर सड़कों के दोनों ओर निगम ने वाहनों के लिए पेड पार्किंग बना रखी है। मेन रोड में दोनों ओर जहां पार्किंग बनाई गई है, वहीं रंगरेज गली समेत कई व्यस्ततम सड़क के दोनों ओर भी पार्किंग बना दी गई है। इन पार्किंग स्थलों पर स्थिति यह है कि जैसे ही कोई दोपहिया वाहन पार्क करता है, उसे तुरंत 10 रुपए का टोकन थमा दिया जाता है। टोकन पर टाइम तक नहीं लिखा जाता। इसका खामियाजा उन वाहन चालकों को उठाना पड़ता है जो 10 मिनट के अंदर अपना काम निपटा कर वाहन पार्किंग से निकाल तो लेते हैं, बावजूद इसके उन्हें 10 रुपए देना पड़ता है। रंगरेज गली के पास गाड़ी पार्क करते ही धराया जा रहा था टोकन : रंगरेज गली के पास स्थित पार्किंग स्थल पर जैसे ही बाइक पार्क की, तुरंत टोकन धरा दिया गया। टोकन पर लेकिन टाइम नहीं लिखा गया। जब रिपोर्टर ने इस पर सवाल किया कि 10 मिनट के अंदर आएंगे तो पैसे नहीं लेंगे न। इसके बाद टोकन पर टाइम लिखा गया। होमगार्ड के दो जवानों को पार्किंग में टोकन काटने के लिए रखा गया है, लेकिन वे टोकन पर समय नहीं लिखते। इस वजह से हर ग्राहक को 10 रुपए पार्किंग शुल्क देने ही पड़ते हैं। क्या कहते हैं… एयरपोर्ट डायरेक्टर और पार्किंग संचालक
इधर, शहर में निगम की पार्किंग में भी फ्री स्लॉट का लाभ नहीं नगर निगम ने शहर में जहां भी सड़क पर पार्किंग बनाई है, वहां 10 मिनट फ्री का बोर्ड लगाया जरूर है। लेकिन ऐसी जगह लगाया गया है कि वाहन चालकों को बोर्ड दिखता ही नहीं है। 10 मिनट पार्किंग फ्री का बोर्ड ऐसी जगह लगाया कि दिखता ही नहीं 3. वाहन चालक ज्ञानेश्वर ने बताया कि टर्मिनल के सामने व्यवस्था ठीक नहीं है। यहां वाहनों के साथ लोगों की भी भीड़ लगी रहती है। इस कारण जल्दी लाइन क्लियर नहीं हो पाता है। पैसेंजर को उठाने में भी 5 मिनट से ज्यादा का समय लग जाता है। हम कभी नौ मिनट में निकल ही नहीं पाते हैं। हमें 30 रुपए देना ही पड़ता है। 2. वाहन मालिक शैलेश अग्रवाल ने कहा कि नौ मिनट फ्री पार्किंग का कोई लाभ नहीं है। 3-4 मिनट तो टर्मिनल तक पहुंचने में ही लग जाता है। टर्मिनल के पास सवारी उठाने वाली गाड़ियों की कतारें लगी रहती हैं, यहां 5 मिनट से ज्यादा लग जाता है। इसके बाद एक्जिट गेट पर भी कतार लग जाती हैं। 30 रुपए देना ही पड़ता है। एग्जिट गेट पर एक ही फ्री लेन… लग गई वाहनों की कतार। (टोकन इनसेट में)


