रांची यूनिवर्सिटी में उत्तर पुस्तिकाओं के गायब होने के मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। यूनिवर्सिटी मुख्यालय स्थित स्टॉक रूम में उत्तर पुस्तिकाओं के बंडलों के बीच गहन खोजबीन के बाद भी कॉपियां नहीं मिलीं। इसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने परीक्षा विभाग के अधिकारी डॉ. अरुण कुमार सिंह को उस जगह भेजा था, जहां इन कॉपियों का मूल्यांकन किया गया था। डॉ. सिंह ने वहां अधिकृत अधिकारी के साथ मिलकर लापता कॉपियों को खोजने की पूरी कोशिश की, लेकिन उनकी सारी मेहनत व्यर्थ गई। वे खाली हाथ वापस लौट आए हैं और अद्यतन स्थिति से विवि प्रशासन को अवगत करा दिया है। इस मामले की जांच के लिए डीएसडब्ल्यू की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया था, जिसकी रिपोर्ट का अभी इंतजार है। उम्मीद है कि रिपोर्ट एक-दो दिनों में सौंप दी जाएगी। इस रिपोर्ट को यूनिवर्सिटी के एग्जाम बोर्ड के सामने रखा जाएगा, जहां अंतिम निर्णय होगा। संभावना है कि जिन छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं गुम हुई हैं, उन्हें एवरेज अंक दिए जाएं, क्योंकि यह सबसे अच्छा विकल्प माना जा रहा है। विवि के पास हैं तीन विकल्प 1. कॉपियों की खोज : सबसे पहला और आदर्श विकल्प यही है कि गुम हुई उत्तर पुस्तिकाएं मिल जाएं। यदि ऐसा होता है तो समस्या का स्वतः समाधान हो जाएगा। इसकी संभावना अब खत्म हो गई है। 2. फिर से परीक्षा : अगर कॉपियां नहीं मिलती हैं तो संबंधित विषय की फिर परीक्षा ली जा सकती है। हालांकि यह छात्रों के लिए एक बड़ा मानसिक और शैक्षणिक बोझ होगा। इसमें समय भी लगेगा। 3. औसत अंक देना : जिन छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं गुम हुई हैं, उन्हें अन्य विषयों में प्राप्त अंकों के आधार पर औसत अंक दे दिए जाएं। एक अधिकारी के अनुसार, औसत अंक सबसे बेहतर विकल्प है। जांच कमेटी बोली… शीघ्र सौंप दी जाएगी रिपोर्ट : स्नातक भूगोल की गायब कॉपियों के मामले में गठित कमेटी के चेयरमैन प्रो. सुदेश कुमार साहू ने कहा कि जांच पूरी कर ली है। शीघ्र रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर एग्जाम बोर्ड में इस मामले में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।


