डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) के फंड से वर्ष 2024-25 में कई योजनाओं के सामानों की खरीदारी में गड़बड़ी सामने आई है। इसका खुलासा आरटीआई एक्टिविस्ट डॉ. राजकुमार के सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना से हुआ है। बोकारो जिले के 1666 आंगनबाड़ी केंद्रों में डिजिटल मैट की आपूर्ति की गई है। एक मैट की बाजार में कीमत 25 से 40 हजार रुपए है, जबकि टेंडर के जरिए 1.25 लाख रुपए में प्रति डिजिटल मैट की खरीदारी की गई। लगभग तीन गुना या उससे अधिक दर पर डिजिटल मैट की खरीदारी की गई है। डिजिटल मैट की आपूर्ति के लिए एजेंसी को पांच कार्यादेश देकर 20,95,52,808 रुपए का भुगतान किया गया है। एजेंसी को पांच टेंडर के माध्यम से बोकारो जिले के 1666 आंगनबाड़ी केंद्रों में डिजिटल मैट की आपूर्ति का आदेश दिया गया था। एजेंसी को प्रत्येक डिजिटल मैट की 1,25,788 रुपए की दर से कुल 1666 डिजिटल मैट के लिए 20,95,52,808 रुपए मात्र का भुगतान किया गया है। इस तरह प्रत्येक डिजिटल मैट के लिए उक्त एजेंसी को लगभग 80 हजार से एक लाख रुपए तक ज्यादा भुगतान किया गया। आरोप है कि डिजिटल मैट की आपूर्ति में 10 करोड़ से अधिक की गड़बड़ी की गई है। एक लाख 25 हजार के डिजिटल मैट की पड़ताल के िलए भास्कर की टीम चास शहरी परियोजना के कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुंची। जहां पाया गया कि एक सेंसर युक्त मैट, जिस पर एबीसीडी और अंक अंकित है, वह एक स्टैंड में रखे 32 इंच के एनरॉयड एलईडी से कनेक्टेड है। जानकारों ने बताया कि इस डिजिटल मैट की ऑनलाइन कीमत देखकर कोई भी इसका सही दाम लगा सकता है। अगर ब्राडेंड एलईडी भी लगाएंगे, तो उसकी कीमत कहीं से 1 लाख 25 हजार नहीं होगी। एक लाख के तड़ित चालक चार से पांच लाख रुपए में खरीदे गए बोकारो | सरकारी स्कूलों व भवनों में तड़ित चालक लगाने के नाम पर भी लूट हुई है। िजले के 967 सरकारी विद्यालयों में तड़ित चालक के अधिष्ठापन के लिए एक ही एजेंसी एआरआई फेब्रीकेशन रांची को 7 कार्यादेश देकर करीब 27 करोड़ 01 लाख रु. का भुगतान किया गया। डीएमएलटी फंड से हुए तड़ित चालक की आपूर्ति व स्थापना के लिए सात टेंडरों में सरकारी स्कूलों में तड़ित चालक की आपूर्ति एवं स्थापना के लिए निर्धारित सबसे न्यूनतम प्रति दर को 1.80 लाख रु. ही मान लिया जाए, तो 967 यूनिट तड़ित चालक की कुल राशि 17 करोड़ 40 लाख 60,600 रुपए होता है। जबकि विभाग द्वारा उक्त सातों कार्यादेश के माध्यम से संबंधित एजेंसी को कुल 27 करोड़ 01 लाख 79,998 रुपए का भुगतान किया गया। वहीं स्कूलों में लगे तड़ित चालक की गुणवत्ता भी निम्न स्तर की है। सारे आरोप निराधार हैं : विजया जाधव सारे आरोप निराधार हैं। दुर्भावना से ग्रसित होकर आरोप लगाए जा रहे हैं। सभी विकास कार्यों के लिए नियमानुसार समिति से पारित योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया है। -विजया जाधव, तत्कालीन डीसी, बोकारो। बोकारो के एक आंगनबाड़ी केंद्र में लगा डिजिटल मैट और एलईडी। हर टेंडर में बदला है तड़ित चालक का रेट पहले टेंडर में प्रति यूनिट दर 4,80,000 रुपए दूसरे टेंडर में प्रति यूनिट दर 5,37,600 रुपए तीसरे टेंडर में प्रति यूनिट दर 1,80,000 रुपए चौथे टेंडर में प्रति यूनिट दर 3,12,000 रुपए पांचवें टेंडर में-प्रति यूनिट दर 5,40,000 रुपए छठे टेंडर में प्रति यूनिट दर 1,80,000 रुपए सातवें टेंडर में प्रति यूनिट दर 1,80,000 रुपए


