उदयपुर के डबोक स्थित महाराणा प्रताप एयरपोर्ट पर जल्द ही डिजी यात्रा सुविधा की शुरुआत होगी। यह सिस्टम फेस रिकग्निशन तकनीक पर काम करेगा। इसमें यात्री अपनी जानकारी डिजी यात्रा ऐप में अपलोड करते हैं। यहां उनकी व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रहेगी। गेट पर चेहरा स्कैन कर यात्री सिक्योरिटी और बोर्डिंग के लिए आगे बढ़ सकते हैं। इसके लिए बोर्डिंग पास व आईडी दिखाने की जरूरत नहीं होगी। इससे चेक-इन में लगने वाला 20-30 मिनट का समय घटकर 5 से 10 मिनट रह जाएगा। एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया ने इस सुविधा के लिए उदयपुर एयरपोर्ट का चयन किया है। चेहरा स्कैन होते ही मिलेगी एंट्री
इसके सुविधा के तहत पेपरलेस चेक-इन की सुविधा दी जाएगी। यात्री का चेहरा स्कैन होगा और एंट्री मिल जाएगी। यह सुविधा अगले साल के अंत तक मिलनी शुरू होगी। इससे पहले इस पर काम की प्रक्रिया चल रही है। देश में डिजी यात्रा की शुरुआत साल 2022 में की गई थी। इसका मकसद हवाई यात्रियों को पेपरलेस और तेज चेक—इन की सुविधा प्रदान करना है। डिजी यात्रा की सुविधा वर्तमान में देश के करीब 30 हवाई अड्डों पर ही उपलब्ध है। करीब 60 लाख यात्रियों ने य ऐप डाडनलोड कर रखा है। अभी तक करीब 3.25 करोड़ यात्री इस सुविधा का उपयोग कर चुके हैं। एक दिसंबर 2022 को तीन हवाई अड्डों नई दिल्ली, वाराणसी और बेंगलुरू पर इस सुविधा की शुरुआत की गई थी। जरूरी उपकरणों का टेंडर करेंगे
एयरपोर्ट डायरेक्टर योगेश नगाइच के अनुसार सबसे पहले इस सुविधा के लिए जरूरी उपकरणों का टेंडर किया जाएगा। इसके बाद इन्हें इंस्टॉल कराएगी और स्टाफ को प्रशिक्षण देगी। एयरपोर्ट से रोज करीब 2500 यात्री चेक इन करते हैं। इनमें से करीब 1000 हवाई यात्रियों के इस सुविधा का इस्तेमाल करने की संभावना है।


