एलएलयू जोधपुर में वाइस चांसलर्स कॉन्क्लेव:भारत में कानूनी शिक्षा का भविष्य पारंपरिक ज्ञान और उभरती तकनीकों के समन्वय में: जस्टिस सूर्यकांत

– देशभर से 22 वाइस चांसलर्स ने की शिरकत, ‘भारत में कानूनी शिक्षा का भविष्य’ विषय पर मंथन नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जोधपुर में शनिवार को दो दिवसीय वाइस चांसलर्स कॉन्क्लेव 2025 का शुभारंभ सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इसके उद्घाटन सत्र में वाइस चंसलर्स को संबोधित करते हुए जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि “भारत में कानूनी शिक्षा का भविष्य पारंपरिक ज्ञान और उभरती तकनीकों के समन्वय में है, जिससे समग्र कानूनी पेशेवर तैयार हो सकें।” उन्होंने जोधपुर में आयोजित हो रहे कार्यक्रम की सराहना करते हुए इस तरह के डिसकशंस को प्रेरित किया। कार्यक्रम के गेस्ट ऑफ ऑनर व सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता ने कहा कि कानूनी शिक्षा को समाज में उभरती चुनौतियों के साथ तालमेल बिठाना चाहिए, ताकि हमारे छात्र केवल वकील नहीं बल्कि न्याय और परिवर्तन के नेता बन सकें।” इसी तरह, राजस्थान हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएम श्रीवास्तव ने कहा कि नवाचार और अंतःविषयता एक प्रगतिशील कानूनी शिक्षा प्रणाली के आधारस्तंभ हैं, जो एक गतिशील दुनिया की मांगों को पूरा करती। उन्होंने प्रोफेसर हरप्रीत कौर को यह प्रोग्राम आयोजित करने पर बधाई दी और फैकल्टी को प्रेरित किया की वह इस दिशा में रिसर्च करे। जोधपुर एनएलयू में 18-19 जनवरी तक के इस दो दिवसीय कॉन्क्लेव के 22 वाइस चांसलर्स ने शिरकत की, जो कानूनी शिक्षा के भविष्य पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। इनमें देशभर के विचारशील नेता, नीति निर्माता और अकादमिक विशेषज्ञ एकत्रित होकर कानूनी शिक्षा के बदलते परिदृश्य और राष्ट्रीय व वैश्विक आवश्यकताओं के अनुरूप इसे ढालने पर गहन मंथन करेंगे। एनएलयूजे की कुलपति प्रो. हरप्रीत कौर ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि एक शिक्षाविद् के रूप में, हमारी जिम्मेदारी है कि हम छात्रों को ऐसी कानूनी शिक्षा का दृष्टिकोण प्रदान करें, जो अकादमिक उत्कृष्टता और नैतिक प्रतिबद्धता का समन्वय करती हो। भविष्य में इस तरह के प्रोग्राम आयोजित करवाने का संकल्प लिया जिससे सभी गणमान्य विधि विचारक एक प्लेटफार्म पर आकर अपने विचार व्यक्त कर सके। रजिस्ट्रार एनएलयूजे डॉ. सुनीता पंकज ने कहा कि एनएलयूजे वाइस चांसलर्स कॉन्क्लेव 2025 कानूनी शिक्षा के लिए एक मजबूत और समावेशी ढांचे का मार्ग तय करने वाले सामूहिक प्रस्ताव के साथ समाप्त होगा।

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