छत्तीसगढ़ के एलडब्ल्यूई (नक्सल प्रभावित) जिलों में आधार उपलब्धता को लेकर राज्य सरकार ने अभियान मोड में काम करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में दर्ज एक भी बच्चा आधार से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए जिला प्रशासन को रणनीतिक और समयबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित बैठक में एलडब्ल्यूई प्रभावित जिलों में आधार नामांकन, अपडेशन, वेरिफिकेशन और कवरेज की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में दर्ज शत-प्रतिशत बच्चों का आधार बनाया जाना चाहिए। इसके लिए अधिकारी रणनीतिक तरीके से कार्य करें। स्कूलों के विद्यार्थियों का सूचीबद्ध करें। कितने बच्चों का आधार बन गया है और किन बच्चों का आधार नहीं बना है। अधिकारी आगामी माह में शिविर लगाकर आधार हेतु नामांकन अपडेशन का कार्य करायें। 85 हजार आधार से वंचित 2011 की जनगणना के अनुसार एलडब्ल्यूई प्रभावित जिलों बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर की जनसंख्या 6.45 लाख थी। इसमें बढ़ोत्तरी हुई है। इन जिलों में अब भी अनुमानित 80 से 85 हजार लोग आधार से वंचित हैं। राज्य स्तर पर जहां आधार सैचुरेशन 93 प्रतिशत से अधिक है, वहीं इन जिलों में यह औसतन 85 से 88 प्रतिशत के बीच बना हुआ है।


