एलिवेटेड रोड:मुआवजा लेकर भी कब्जा, अमले ने तोड़ा

एलिवेटेड रोड में बाधक बन रहे निर्माण कार्यों को हटाने के लिए एक सप्ताह में दूसरी बार शुक्रवार को कार्रवाई की गई। हजीरा से सटे गौसपुरा और रमटापुरा क्षेत्र में जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए 3 मकान व एक मैरिज गार्डन का अतिक्रमण हटाया। इन सभी निर्माण कार्यों का मुआवजा संबंधित लोगों को दिया जा चुका था। लेकिन उसके बाद भी इन लोगों द्वारा जगह खाली नहीं की जा रही थी। इसलिए शुक्रवार को तहसीलदार महेश सिंह कुशवाह, लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग के कार्यपालन यंत्री जोगिंदर यादव दल-बल के साथ कार्रवाई करने पहुंचे। इस टीम ने कार्रवाई करते हुए 15 हजार वर्गफीट से अधिक जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई। इस अतिक्रमण के कारण पहले चरण मे 13 पिलर का काम नहीं हो पा रहा था। एलिवेटेड रोड के पहले चरण में सबसे बड़े बाधक के तौर पर हजीरा पुल से सटी 21 दुकानें और लक्ष्मीबाई समाधि स्थल के पीछे िस्थत छिद्दे का पुरा में 28 मकान हैं। लेकिन इनका अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई अब तक नहीं हो सकी है। इसके पीछे राजनीतिक दबाव कारण बताए जा रहे हैं। सिविल अस्पताल की लाइन में स्थित 21 दुकान और इन 28 मकानों के विस्थापन को लेकर लगातार पेंच फंस रहा है। क्योंकि यह लोग सरकार से नई जगह और विस्थापन चाह रहे हैं। जबकि ऐसा हो पाना संभव नहीं है, दूसरी तरफ छिद्दे का पुरा में जल संसाधन विभाग वर्षों पहले जमीन का अधिग्रहण कर चुका है और मुआवजा लेने के बाद भी लोगों ने कब्जा नहीं छोड़ा। इन लोगों का हटाया गया अतिक्रमण: चंद्रपाल, अजय पाल, विजय पाल, शिव पाल, अनीता पाल, लता कुशवाह, अमर सिंह, कन्हैया लाल, कुंदन सिंह, राजेश्वरी लाखन सिंह द्वारा किया गया निर्माण एवं खुली जमीन से अतिक्रमण हटाया गया। इनके 6 सर्वे नंबरों से 15 हजार 605 वर्गफीट जमीन खाली कराई गई है। बीते दिनों राधा विहार कॉलोनी में ही कार्रवाई करते हुए शिवराम तोमर, बबीता तोमर आदि द्वारा सरकारी जमीन पर किए गए कब्जे को हटाया गया था।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *