एसआईआर का काम 14 तक चलेगा:फरवरी में टेंशन, क्योंकि एसआईआर-परीक्षा एक साथ, पढ़ाई हुई नहीं, दबाव-रिजल्ट सुधारें

ऐसा पहली बार है जब फरवरी में होने वालीं परीक्षा को लेकर छात्रों से ज्यादा घबराहट शिक्षकों में है। कारण जिले में पदस्थ 6,300 में से लगभग 2,500 शिक्षक एसआईआर व दूसरे काम में लगे हैं। जो बचे हैं उन्हें एमपी बोर्ड की दो और लोकल बोर्ड की चार कक्षाओं के 1,12,703 छात्रों की परीक्षाएं करानी हैं। परीक्षा के साथ ही कॉपियों की जांच, प्रैक्टिकल भी होने हैं। दूसरी तरफ भोपाल में बैठे अफसरों का दबाव है कि रिजल्ट में 15%तक सुधार करें। इसकी मॉनिटरिंग कलेक्टर व दूसरे अधिकारी कर भी रहे हैं।
एसआईआर काम 4 नवंबर से प्रारंभ हुआ। इस काम में आज भी 48 अफसर, 1935 बीएलओ सहित करीब 3 हजार अधिकारी-कर्मचारी लगे हैं। अब इसका दायरा और बढ़ता जा रहा है। कारण, लॉजिकल एरर वाले 3.21 लाख वोटरों की और सुनवाई होनी है। इनके लिए 198 नए अधिकारियों को एईआरओ बनाने का प्रस्ताव सीईओ के पास गया है।
बात यदि शिक्षा विभाग की करें तो स्थिति जगंभीर है। जो 198 नए अधिकारी अभी नियुक्त होने हैं, उनमें सर्वाधिक 121 फिर शिक्षा विभाग से हैं। इनमें 8 केंद्राध्यक्ष सहित 37 ऐसे हैं जिन्हें कुछ दिन पहले कलेक्टर ने बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष बनाकर रेंडमाइजेशन के बाद सूची भोपाल भेजी है। ऐसे में 2 विकल्प रहेंगे, या तो नए बनाकर रेंडमाइजेशन फिर से करें या फिर इन्हें एईआरओ से हटाया जाए। इससे पहले भी बीएलओ बने 62 शिक्षकों की सूची ​डीईओ निर्वाचन शाखा को भेज चुके हैं। ये वे शिक्षक थे, जिनके कारण बोर्ड परीक्षार्थियों की एक्स्ट्रा क्लास में दिक्कत आ रही थी। 5-8 की परीक्षा में भी लगेंगे शिक्षक, केंद्र बनेंगे 270
कक्षा 5 व 8 के छात्रों की परीक्षा 20 फरवरी से होनी है। इस बार छात्र संख्या कक्षा 5 में 34 हजार 168 और कक्षा 8 में 29 हजार 328 है। गत वर्ष 274 केंद्र बने थे। परीक्षा ड्यूटी में शिक्षक भी लगभग 300 लगेंगे। डीपीसी रवींद्र तोमर ने कहा कि रिजल्ट 95 फीसदी से ज्यादा चाहिए। वे ऐसी व्यवस्था कर रहे हैं कि परीक्षा ठीक से हो जाएं और मूल्यांकन भी। परीक्षा वालों को हटाने का प्रयास
^एसआईआर में शिक्षक लगे हैं। पढ़ाई पर भी असर हुआ है पर इसके बाद भी एक्स्ट्रा क्लास लगवाईं ताकि रिजल्ट सुधर सके। परीक्षा जरूरी है और एसआईआर भी। जिन्हें परीक्षा करानी हैं उन्हें हटवाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। हमने इस साल रिजल्ट में 15 फीसदी तक वृद्धि का लक्ष्य शिक्षकों को दिया है।
-हरिओम चतुर्वेदी, जिला शिक्षा अधिकारी SIR: पर्याप्त अमला,रोज समीक्षा, प्रोग्रेस ठीक नहीं

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