रायपुर जिले में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम तेजी से जारी है। जिले की सात विधानसभा क्षेत्रों में अब तक 5.28 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा चुके हैं। सूची की मैपिंग के बाद कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। शहर की चार विधानसभा—रायपुर ग्रामीण, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण में 2 लाख 15 हजार 693 मतदाताओं के पिता का नाम मतदाता सूची में दर्ज नाम से मेल नहीं खा रहा है। वहीं 6,040 वोटरों की उम्र उनके वोटर आईडी कार्ड से अलग पाई गई है। इसके अलावा 32,654 मतदाताओं के माता-पिता और 6,625 वोटरों के दादा-दादी की उम्र में भी असामान्य अंतर मिला है। जिले की धरसींवा, अभनपुर और आरंग विधानसभा की स्थिति भी गंभीर है। इन तीनों सीटों पर 1 लाख 81 हजार 525 मतदाताओं के नाम उनके पिता के नाम से मेल नहीं खा रहे हैं, जिनमें स्पेलिंग, सरनेम या नाम में अंतर पाया गया है। इन क्षेत्रों में भी 50 हजार से अधिक मतदाताओं के पारिवारिक उम्र रिकॉर्ड में गड़बड़ी सामने आई है। प्रारंभिक जांच में इन नामों को संदिग्ध मानते हुए मतदाता सूची से हटा दिया गया है। साथ ही अधूरे दस्तावेज जमा करने वाले 1.33 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिसका काम 22 जनवरी तक पूरा होगा। इन मतदाताओं को 14 फरवरी तक दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 21 फरवरी को किया जाएगा। नोटिस को गंभीरता से नहीं ले रहे लोग, इसलिए कम होने लगी भीड़ एसआईआर के तहत जिन लोगों को नोटिस दी जा रही है, वे उसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। यही वजह है कि सुनवाई सेंटरों में लोगों की भीड़ कम हो रही है। अफसरों की दिलचस्पी भी सुनवाई में कम होती जा रही है। दरअसल, लोगों के बीच यह बात फैल गई है कि अभी नाम कट भी जाता है तो से बाद में जोड़ा जा सकता है। उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। छत्तीसगढ़ में अभी कोई भी चुनाव नहीं है। इस वजह से राजनीतिक पार्टियां भी इसे लेकर ज्यादा प्रचार-प्रसार नहीं कर रहे हैं। जिन लोगों को नोटिस मिली है उनमें भी बेहद कम लोग तय समय में उपस्थित हो रहे हैं। अंतिम प्रकाशन के बाद ऑनलाइन-ऑफलाइन नाम जुड़ जाने की सुविधा होने की वजह से लोग अब फरवरी के खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं। जिन लोगों के नाम कट चुके हैं, वे लोग नया आवेदन देकर अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं। उन्हीं लोगों के नाम काटे गए हैं, जिनके दस्तावेज गलत मिले। इसके अलावा जिन्हें नोटिस दी गई है, वे अभी दस्तावेजों के साथ अपने नाम जुड़वा सकते हैं।
– नवीन सिंह ठाकुर, उप जिला निर्वाचन अधिकारी


