एमसीबी जिले की मनेंद्रगढ़ नगरपालिका ने लंबे समय से लंबित राजस्व बकाया की वसूली के लिए कड़ा रुख अपनाया है। नगरपालिका प्रशासन ने दुकान किराया, संपत्ति कर और जलकर की वसूली सुनिश्चित करने के लिए एक राजस्व टीम का गठन किया है। यह टीम नगर के सभी वार्डों में बकायेदारों की सूची तैयार कर चरणबद्ध कार्रवाई करेगी। मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) इसहाक खान ने बताया कि लगातार नोटिस और अपीलों के बावजूद बड़ी संख्या में नागरिकों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों करों का भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे नगरपालिका की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। इसी को देखते हुए अब कठोर प्रशासनिक कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। नगरपालिका प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि यदि बकायेदारों निर्धारित समय-सीमा में बकाया राशि जमा नहीं की जाती है, तो उनके भवन अनुज्ञा (बिल्डिंग परमिशन) और बिजली कनेक्शन के लिए जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) रद्द कर दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, विद्युत विभाग को पत्र लिखकर संबंधित बिजली कनेक्शन काटने की अनुशंसा भी की जाएगी। नगरपालिका क्षेत्र के सभी 22 वार्डों में लागू होगी कार्रवाई यह कार्रवाई केवल कुछ क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नगरपालिका क्षेत्र के सभी 22 वार्डों में समान रूप से लागू होगी। नागरिकों को समय पर सूचित करने और उन्हें स्वयं बकाया राशि जमा करने के लिए प्रेरित करने के लिए वार्डों में मुनादी भी जारी कर दी गई है। राजस्व वसूली को लेकर अनुशासनात्मक कदम- CMO सीएमओ ने कहा कि यह कदम दंडात्मक से अधिक अनुशासनात्मक है, जिसका उद्देश्य नगर के विकास कार्यों के लिए आवश्यक राजस्व समय पर प्राप्त करना है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी कार्रवाई से बचने के लिए जल्द से जल्द अपना बकाया कर जमा करें। बकायेदार दुकानों और परिसरों का होगा स्थल निरीक्षण प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में दुकानों और व्यवसायिक परिसरों का स्थल निरीक्षण कर बकाया मामलों की गहन जांच की जाएगी। नगरपालिका ने स्पष्ट किया है कि वह अब राजस्व वसूली को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगी।


