विक्की कुमार | अमृतसर वोटर लिस्टों की जांच के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) का काम करीब 40 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। पहले पड़ाव में सरकार के निर्देश पर सभी बीएलओ 2003 से 2025 की वोटर लिस्टों में वोटर मैपिंग कर रहे हैं। इसके तहत देखा जा रहा है कि जो वोटर 2003 में यहां थे अब भी है या कहीं और शिफ्ट हो चुके हैं। कई वोटर अलग-अलग जगहों पर शिफ्ट हो चुके हैं, जिससे बीएलओ को दिक्कतें भी आ रही है। हलका वाइज एसआईआर मैपिंग का काम चल रहा जारी है। हालांिक अभी तक सिर्फ 50 प्रतिशत ही वोटर 2003 से 2025 तक मैच कर रहे हैं। बता दें कि चुनाव आयोग की ओर से यह वोटर मैपिंग करवाई जा रही है। आयोग की ओर से 2003 और 2025 की वोटर लिस्टें उपलब्ध करवाई गई हैं। बीएलओ को 31 जनवरी 2026 तक काम पूरा करने के निर्देश हैं मगर अभी 40% काम ही हो पाया है। पहले पड़ाव में वोटर मैपिंग का काम पूरा होने के बाद बीएलओ घर-घर जाकर यह सर्वे करेंगे कि परिवार वास्तव में वहां रहते हैं या नहीं। बीएलओ की तरफ से 12-12 घंटे लगाकर वोटर सूचियों का रिकार्ड खंगाला गया है। घर-घर जाकर बीएलओ की ओर से उन वोटरों को नोटिस जारी किए जाएंगे, जिनके वोट मैच नहीं हुए है। उसके बाद उनसे तीन-तीन प्रूफ मांगे जाएंगे, अगर वह लोग अपने प्रूफ दिखा पाए तो उनका नाम वोटर लिस्ट में डाला जाएगा। फिलहाल अभी यह बीएलओ को नहीं बताया गया है कि कौैन-कौैन से प्रूफ लोगों द्वारा दिखाए जाने हैं। 2027 के विस चुनावों से पहले यह काम पूरा किया जाना है। ऐप में वोटरों को 7 कैटेगरी में मार्क करने के ऑप्शन हैं। इन कैटेगरीज को ए से जी तक नाम दिए गए हैं। ऐप में सबसे पहले उम्र के तीन ग्रुप रखे गए हैं। फिर हरेक के आगे दो सवाल हैं। पहले एज ग्रुप में 38 साल या इससे अधिक वोटर को रखा है। आगे दो सवाल हैं। पहला वह वोटर जो 2003 की वोटर सूची में मौजूद है। ऐसे वोटर को ए केटेगरी में मार्क किया जा रहा है। बी कैटेगरी में इसी उम्र के वोटर हैं, जो 2003 की वोटर सूची में मौजूद नहीं हैं। सी कैटेगरी में 21 से 38 साल के वह वोटर, जिसके माता-पिता में से किसी एक का नाम 2003 की वोटर सूची में है। ई कैटेगरी में इसी उम्र के वे वोटर हैं जिनके माता व पिता दोनों का नाम 2003 की वोटर सूची में मौजूद नहीं है। वह वोटर जिसके माता–पिता दोनों का नाम 2003 की वोटर सूची में मौजूद हैं, डी कैटेगरी और उम्र 21 साल या इससे कम है। एफ कैटेगरी में इसी उम्र के वह वोटर हैं, जिसके माता-पिता में से किसी एक का नाम 2003 की वोटर सूची में मौजूद है और जी कैटेगरी में इसी उम्र के वह वोटर हैं, जिसके माता-पिता दोनों का नाम 2003 की वोटर सूची में मौजूद नहीं है। दैनिक भास्कर ने कुछेक बीएलओ से बातचीत की तो उनका कहना था कि काफी कम संख्या में वोटर लिस्टों की मैपिंग हो रही है। अगर 1100 की आबादी चेक की जाती है तो वहां पर करीब 300 वोटर ही इस सूची के तहत मैपिंग हो रही है। उनका कहना है कि वर्ष 2003 से 2025 के बीच करीब 22 साल का फर्क है और इस फर्क में कई वोटरों ने इधर-उधर शिफ्ट होकर अपने वोट बना लिए हैं, जिसके चलते काफी परेशानी हो रही है।


