सचिव से आग्रह भी किया है कि भूमि का डिटेल देने का अफसरों को दें निर्देश सीआईडी के तहत गठित एसआईटी कांके अंचल में बड़े पैमाने पर जमीनों के हस्तांतरण में फर्जीवाड़ा के मामले की जांच में जुटी है। एसआईटी को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने आवेदन देकर जमीनों के फर्जी डीड और कागजात बनाकर गड़बड़ी का आरोप लगाया है। परिवादियों के दस्तावेज के आधार पर एसआईटी का संयुक्त जांच दल इसकी गहन जांच कर रहा है। एसआईटी यह प्रयास कर रहा है कि गड़बड़ी के आरोपों की जड़ तक पहंुचे। जांच में आ रही परेशानियों को देखते हुए एसआईटी के अध्यक्ष ने 40 आवेदकों की सूची भेज कर राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव से जांच में सहयोग मांगा है। राजस्व सचिव से आग्रह किया गया है कि संबंधित मामले में भूमि का पूरा विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश पदाधिकारियों को दिए जाएं। एसआईटी ने 4 बिंदुओं पर मांगी है जानकारी… एसआईटी को आवेदकों ने खाता व प्लॉट आदि के साथ विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई है। इस पर ही एसआईटी ने राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग से जानकारी मांगी है। ग्रामीणों के आवेदन पर मांगी जानकारी
चंदन कुमार काशी, निराली खलखो, जितन देवी, रंजीत कच्छप, भगत उरांव, जगत मुंडा, आशा देवी, अनिल उरांव, बलदेव उरांव, नितेश कच्छप, कोमल खलखो, बिफल टोप्पो, अमित टोप्पो, गणेश उरांव, परना मुंडा, प्रकाश उरांव, नंदी कच्छप, दशरथ लोहरा, राजेश कुजूर, कृष्णा उरांव, अमित कच्छप, अनुज टोप्पा, मीरा टोप्पो, बबलू कच्छप, घोड़े उरांव, आनंद खलखो, मनु बांडो, बाना टोप्पो, मंगरा मुंडा, बुधवा उरांव, बाना टोप्पो, झिरगा उरांव, सोमरा बागवार, गनु उरांव, पुष्पा खलखो, आर्यन टोप्पो, मैनो देवी, परनु उरांव, भगत उरांव और सुकरो कुमारी जांच में सहयोग नहीं कर रहा सीओ ऑफिस जमीन मामले की जांच कर रही एसआईटी ने रांची के उपायुक्त को भी पत्र लिखा है। कहा है कि अंचलाधिकारियों द्वारा जांच में सहयोग नहीं किया जा रहा है। इसलिए उन्हें जांच में सहयोग करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएं। उपायुक्त को लिखे गए पत्र में एसआईटी ने कहा है कि रांची जिला के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में फर्जीवाड़ा और बल का प्रयोग कर गलत तरीके से जमीनों का हस्तांतरण संबंधी मामले की जांच व समीक्षा के लिए एसआईटी (लैंड) टीम का गठन किया गया है। जांच टीम को अबतक 200 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। जिस पर अग्रिम जांच की कार्रवाई की जा रही है। जांच में सबसे महत्वपूर्ण पहलू जमीन से संबंधित अंचलाधिकारी कार्यालय में अभिलेखों की जांच का है। सभी मामले मुख्यतः जमीन के एक बार से अधिक निबंधन (रजिस्ट्री) और दाखिल-खारिज (नामांतरण) से संबंधित हैं। इसमें अंचलाधिकारी कार्यालय के अभिलेखों की जांच अनिवार्य है। इस संबंध में कांके अंचल, नामकुम अंचल, रातू अंचल, बड़गाईं अंचल, सदर अंचल एवं अरगोड़ा अंचल से अभिलेखों की जांच कर रिपोर्ट की मांग की गई थी। लेकिन, अभी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। जानकारी के अनुसार, संबंधित अंचलाधिकारी द्वारा एसआईटी (लैंड) के सदस्यों को आवश्यक सहयोग नहीं किया जा रहा है। इस कारण अभिलेखों की जांच करने में कठिनाई हो रही है। 1. आवेदकों द्वारा उपलब्ध कराए गए खाता व प्लॉट के बदलाव की तिथि, बदलाव करने वाले कार्यालय, संस्था के नाम
2. संबंधित खाता व प्लॉट में बदलाव करने में किसी नियम आैर प्रक्रिया का पालन किया गया है या नहीं
3. खाता व प्लॉट की प्रकृति या रकबा में किस स्थिति में बदलाव किया गया है, बदलाव करने के लिए किस प्रकार की अनुमति ली गई है 4. यदि सूची के अनुसार खाता या प्लॉट की प्रकृति या रकबा में बदलाव किया जाता है तो उसका आधार क्या है


