भास्कर न्यूज|लुधियाना एसएस जैन सभा में तत्वावधान में जैन स्थानक नूरवाला में पार्श्वनाथ कल्याणक समारोह का आयोजन हो रहा है। महासाध्वी सुशील कुमारी महाराज ने धर्म सभा में उपस्थित भक्तों को जिनवाणी का अमृतपान कराते हुए कहा कि संसार में दो प्रकार के मनुष्य हैं। एक वे हैं जो श्वान वृत्ति के हैं जैसे कुत्ता पत्थर मारने पर पत्थर को पकड़ने दौड़ता है वैसे ही अज्ञानी मनुष्य दुख पड़ने पर दुख के निमित्तों को कारण मानता है, उन पर आक्रोश प्रकट करता है। दूसरे वो मनुष्य है जो सिंह वृति के है। वे सिंह की भांति मारने वाले पर दृष्टि जमाते हैं गोली पर नहीं। वहीं, साध्वी शुभिता जी महाराज ने कर्म सिद्धांत को समझाते हुए कहा-परमात्मा सर्वशक्तिमान होते हुए भी किसी को सुखी या दुखी करने में असमर्थ है। क्योंकि गीता में भी वासुदेव श्री कृष्ण ने कर्मों को ही सबसे उत्तम बताया हैं। हमारे भाग्य के निर्माता हम खुद ही है। इसमें प्रभु को दोष नहीं देना चाहिए। कर्मों की सजा से जब स्वयं भगवान राम, कृष्ण या महावीर नहीं बच पाए तो सामान्य मनुष्य कर्मों से कैसे बच सकता है। साध्वी शुभिता महाराज ने इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं को भगवान पार्श्वनाथ जन्म कल्याणक पर अच्छे कर्म करने की प्रेरणा दी। जैन सभा के पदाधिकारियों ने बताया कि श्री संघ के सहयोग से 24 से 26 दिसंबर तक अखण्ड जाप का आयोजन भी किया जाएगा।


