मेडिकल स्टूडेंट ने किया था नीट पेपर सॉल्व… नीट परीक्षा पेपर सॉल्व करने के आरोप में भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज के प्रथम वर्ष स्टूडेंट व सांचौर निवासी संदीप कुमार को गिरफ्तार किया था। संदीप ने 5 मई 2024 को अन्य मेडिकल छात्रोें के साथ मिलकर झारखंड के हजारी बाग में परीक्षा से पहले नीट यूजी का पेपर सॉल्व किया था। शैतान विश्नोई बलबीर विश्नोई जितेन्द्र रांगेय | भीलवाड़ा भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज का छात्र दीपक कुमार विश्नोई वरिष्ठ अध्यापक भर्ती में डमी अभ्यर्थी के तौर पर बैठा था। इससे पहले नीट में पेपर सॉल्व कराने के मामले में कॉलेज के ही छात्र संदीप कुमार को सीबीआई गिरफ्तार कर चुकी है। दीपक का ननिहाल सांचौर में संदीप के घर के पास ही है। राजस्थान लोक सेवा आयोग सचिव सायरमल कुम्हार ने एसओजी को दी रिपोर्ट में बताया कि वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) परीक्षा 2022 के विज्ञान विषय की परीक्षा 24 दिसंबर 2022 को हुई। इसमें चयनित अभ्यर्थियों द्वारा ऑनलाइन आवेदन के समय अपलोड की फोटो एवं काउंसलिंग में दी फोटो का आरपीएससी ने इन्हें परीक्षा केन्द्र में पूर्व में प्रस्तुत उपस्थिति पत्रक की फोटो से मिलान किया तो 14 अभ्यर्थियों की फोटो का मिलान नहीं हुआ। इन संदिग्धों में भीलवाड़ा में एमबीबीएस स्टूडेंट दीपक कुमार विश्नाई भी था। उसने डमी अभ्यर्थी बन साइंस की परीक्षा दी थी। दीपक मई 2024 से ही मेडिकल कॉलेज नहीं आ रहा है। उपस्थिति पूरी नहीं होने के कारण वह फर्स्ट ईयर के एक्जाम भी नहीं दे पाया। इस मामले में जांच अधिकारी एसओजी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रकाश कुमार शर्मा ने बताया कि प्रताप नगर माणकी निवासी दुर्गाराम विश्नोई के संबंध में 16 अगस्त 2023 को डमी अभ्यर्थी द्वारा परीक्षा दिलवाने को लेकर शिकायत मिली थी। उसका 24 दिसंबर 2022 को साइंस विषय का परीक्षा केन्द्र जोधपुर में सी.सै. स्कूल प्रताप नगर था, जबकि 29 जनवरी 2023 को सामान्य ज्ञान परीक्षा का केन्द्र सी.सै स्कूल पुलिस लाइन था। दोनों ही परीक्षा दुर्गाराम ने नहीं दी थी। उसकी जगह डमी अभ्यर्थी बैठा था। दीपक की गिरफ्तारी के लिए पांच हजार का इनाम घोषित किया है। दुर्गाराम विश्नोई एसओजी के पास आरपीएससी ने 14 अभ्यर्थियों की शिकायत की। इसमें जब जांच की गई तो 8 अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया गया। एसओजी ने 3 डमी और 4 दलाल को भी गिरफ्तार किया। एसओजी ने अभ्यर्थी बाड़मेर निवासी अशोक कुमार विश्नोई, राजेन्द्र, विमला विश्नोई व दुर्गाराम, साचौर निवासी गोपाल सिंह भादू, करौली सत्यप्रकाश मीना व अनिल कुमार मीणा एवं गंगापुर सिटी के सुरताराम मीना को गिरफ्तार किया। साथ ही 3 डमी दौसा निवासी रामहंस मीना जो सत्यप्रकाश मीना का डमी था। रामहंस 17 लाख रुपए में दोनों पेपरों मेंे डमी बना। जालौर निवासी विष्णु प्रकाश विश्नोई गोपाल सिंह का डमी था। विष्णु अगरतला (त्रिपुरा) स्थित मेडिकल कॉलेज का छात्र था। साचौर निवासी डमी कमल विश्नोई राजेन्द्र का डमी था। कमल साचौर में साइंस विषय का विख्याता था। एसओजी ने 4 दलाल साचौर निवासी शैतान विश्नोई व बलबीर सिंह विश्नोई, जालौर निवासी हितेश कुमार विश्नोई जिसने अभ्यर्थी विमला से 15 लाख रुपए दोनों विषय के डमी के लिए दलाली के 15 लाख रुपए लिए थे। करौली निवासी दलाल दर्शन लाल मीणा ने अभ्यर्थी अनिल और सुरताराम से दोनों विषयों में डमी बैठाने की एवज में रुपए लिए थे। दर्शन पाली में ग्राम विकास अधिकारी पद पर कार्यरत है। एसओजी को सांचौर निवासी सम्पतलाल, अशोक कुमार, मनोहर सिंह, साचौर ग्राम जैलातरा देवड़ा तहसील निवासी दिनेश कुमार, ग्राम पमाणा झाब तहसील, सांचौर िनवासी दिनेश कुमार, अलीगढ़ टोंक निवासी अरुण कुमार मीणा की तलाश है। इन सभी पर 5 हजार का इनाम है। दुर्गाराम ने विज्ञान विषय की परीक्षा डमी अभ्यर्थी के द्वारा दिलाने को लेकर शैतान सिंह से नौ लाख रुपए में डील की। शैतान विश्नोई धनेरिया, चितलवाना, सांचौर का रहने वाला था। वह स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल झाड़ोली (पिडंवाडा) सिरोही में रसायन विज्ञान का व्याख्याता था। शैतान ने सियागांव, राजीवनगर सांचौर निवासी बलवीर सिंह विश्नोई से डमी अभ्यर्थी बिठाने को लेकर छह लाख रुपए में डील की। बलबीर राउमावि सरनाउ सांचौर में कृषि विज्ञान का व्याख्याता था। बलबीर ने बताया कि उसने राजमाता विजयराजे सिंधिया मेडिकल कॉलेज भीलवाड़ा में अध्ययनरत व वाडा भावड़ी, बागोड़ा तहसील जालौर निवासी दीपक कुमार विश्नोई से सौदा किया। दीपक ने डमी अभ्यर्थी बन विज्ञान विषय की परीक्षा दी। इस पर एसओजी ने दुर्गालाल विश्नोई, शैतान िवश्नोई व बलबीर सिंह विश्नोई तीनों को गिरफ्तार किया। दीपक की तलाश जारी है। दीपक विश्नोई


