सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) की सुरक्षा व्यवस्था को भेदकर एक युवक हथियार के साथ जंगल में घुस गया। तवा बफर रेंज में शिकार के उद्देश्य से बिना लाइसेंसी बंदूक लेकर घूम रहे इस युवक की तस्वीर अखिल भारतीय बाघ गणना 2026 के लिए लगाए गए कैमरा ट्रैप में कैद हो गई। फुटेज सामने आते ही प्रबंधन में हड़कंप मच गया। टीम ने फुटेज के आधार पर आरोपी कल्याण मवासी (निवासी कुकरपानी, जिला छिंदवाड़ा) की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया और बैतूल न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। एसटीआर के डिवीजन ऑफिस में बाघ और वन्य प्राणियों के फुटेज देखने वाली टीम की नजर बंदूक थामे युवक पर पड़ी। इसके बाद डिप्टी डायरेक्टर ऋषभा नेताम खुद तवा बफर के निशान बीट स्थित उस घटनास्थल पर पहुंचीं, जहां के कैमरे में संदिग्ध दिखा था। टीम ने फुटेज के आधार पर युवक की जानकारी जुटाई और उसकी पहचान की पुष्टि की। शिकार के इरादे से घुसा था जंगल में
एसटीआर के सहायक संचालक आशीष खोपरागढ़े और देलाखारी देनवा बफर रेंज के स्टाफ की मदद से टीम ने आरोपी को पकड़कर तवा बफर टीम को सौंपा। पूछताछ में युवक जंगल में बंदूक लेकर घूमने का कोई ठोस कारण नहीं बता पाया। जांच में पता चला कि उसके पास मौजूद बंदूक का लाइसेंस भी नहीं था। उसके खिलाफ टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अवैध रूप से हथियार लेकर प्रवेश करने का प्रकरण दर्ज किया गया है। डिप्टी डायरेक्टर बोलीं- गश्ती बढ़ा दी है
डिप्टी डायरेक्टर ऋषभा नेताम ने बताया, “तवा बफर में एक युवक बंदूक के साथ कैमरे में रिकॉर्ड हुआ था। रिकॉर्डिंग के आधार पर युवक की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया। उसके पास अवैध बंदूक थी। अवैध गतिविधि के बाद उस क्षेत्र में गश्ती बढ़ा दी है।” इसी क्षेत्र से चोरी हुए हैं 4 कैमरे
सुरक्षा के दावों के बीच, एसटीआर के तवा डैम के बैकवाटर से लगे कोर क्षेत्र (सुपलई और खामदा बीट) से हाल ही में 4 कैमरा ट्रैप चोरी हो चुके हैं। ये कैमरे भी बाघ गणना के लिए लगाए गए थे, जिन्हें टीम अब तक नहीं ढूंढ पाई है। यह वही संवेदनशील इलाका है जहां कुछ समय पहले बाघ का शिकार हुआ था और शिकारी उसका पंजा काटकर ले गए थे। इसके बावजूद प्रतिबंधित क्षेत्र में लोगों की अवैध आवाजाही बेखौफ जारी है।


